शहनाज फातिमा ने मनन कुमार मिश्रा सहित बिहार राज्य बार काउंसिल के सभी सदस्यों पर मुकदमा दायर किया

&NewLine;<p><strong>पटना&lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;&colon;<&sol;strong> शहनाज फातिमा ने मनन कुमार मिश्रा सहित बिहार राज्य बार काउंसिल के अन्य सदस्यों के खिलाफ विद्वान मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी&comma; पटना के यहां एक परिवाद पत्र दाखिल किया है जिसमें मनन कुमार मिश्रा&comma; ललित किशोर&comma; धर्म नाथ यादव&comma; रामा कांत शर्मा&comma; अरुण कुमार सिंह&comma; सच्चिदानंद सिंह&comma; हिमांशु&comma; प्रेम नाथ ओझा नीतू झा&comma; एवं अन्य सदस्यों तथा बार काउंसिल के सचिव अशोक कुमार अकाउंटेंट राजकुमार एवं अन्य सदस्यों को अभियुक्त बनाया है&period; शहनाज फातमा का आरोप है कि दिनांक 05&sol;06&sol;19 से लगातार आज तक उनको मानसिक रूप से बार काउंसिल के सदस्यों द्वारा प्रताड़ित किया गया है&comma; जबकि कई लिखित शिकायतें बी&period;सी&period;आई एवं राज्य बार काउंसिल को लिखा गया परंतु दोनों संस्था ने आंखों  पर काली पट्टी बांध ली है जिसका कोई निपटारा अभी तक नहीं किया गया&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>एक माननीय सदस्य श्री प्रेम कुमार झा पटना उच्च न्यायालय के वरीय सदस्यों में से है उन्होंने एक पोर्न वीडियो भेजा जिसे मैं देखकर शर्मसार हो गई&period; इसके पहले भी मीटिंग के दौरान कई बा रअश्लील गाना गाए जाने पर फातिमा ने आपत्ति की थी&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>फातिमा ने बताया कि बिहार राज्य बार काउंसिल में कानून का उल्लंघन करके मेजोरिटी के बल पर प्रस्ताव पारित किए जाते हैं एवं उनका कोई डिसेंन्ट नोट नहीं किया जाता है इतनी बड़ी विद्वानों की संस्था होने के बावजूद सत्र 2006 से अब तक का ऑडिट नहीं हुआ है&period; जिसके कारण सरकार वकीलों के लिए कोई  राशि का मुहैया नहीं कर पा रही है दूसरी शिकायत कुछ बाथरूम की मरम्मत 17&comma;77&comma;400 रुपए में की जाती है जिसकी लिखित शिकायत आरटीआई की रिपोर्ट के साथ दी थी&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>फातिमा का आरोप है कि वित्तीय कमेटी में रहकर कई मामलों का उन्होंने उजागर किया है एवं जांच की मांग की&period; जिसके कारण कुछ वरीय सदस्य उनसे नाराज रहने लगे कुछ सदस्य उन्हें मियां-मियां कह कर चिड़ा कर पुकारने लगे एवं कुछ सदस्यों के द्वारा क्रिटिसाइज किया&period; जाने लगा यहां तक की महिला सदस्य नीतू भी बार काउंसिल का पक्ष रखते हुए फातमा के खिलाफ सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार करना शुरू कर दिया&nbsp&semi; फातिमा ने अधिवक्ताओं के कल्याण से संबंधित&nbsp&semi; कई आवेदनो की छाया प्रति एनेक्सचर के साथ पर एक परिवाद पत्र सीजीएम महोदय के यहां&nbsp&semi; आईपीसी की धारा 120&comma; 295a&comma; 298&comma; 354a पार्ट वन पार्ट 3&comma; 409&comma; 420&comma; 499&comma; एवं आईटी एक्ट की धारा 66a बी&comma;सी&comma; एवं 67 में मुकदमा&nbsp&semi; दाखिल किया है फातमा का आरोप है कि कई लिखित शिकायत करने के बावजूद भी बार काउंसिल के सभी सदस्यों एवं मनन कुमार मिश्रा जी ने मिलकर षड्यंत्र रच कर फातिमा को राज्य बार काउंसिल से हटाने की योजना बनाई है&nbsp&semi;&nbsp&semi;&nbsp&semi; तथा उनकी आवाज को बंद करने एवं लाइसेंस कैंसिल करने की उनको&nbsp&semi; कई धमकियां दी जाती रही है&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सुश्री फातमा का आरोप है कि 2 वर्ष पूर्व से पूर्व उनके द्वारा दिए गए आवेदन पर पूर्व या वर्तमान अध्यक्ष महोदय या बीसीसीआई के अध्यक्ष महोदय ने उस आवेदन को नजर अंदाज क्यों किया आवेदन पर कार्रवाई क्यों नहीं की&period; क्या यह साजिश है या मुंह बंद कराने का नयाब तरीका&quest; मुख्य दंडाधिकारी पटना के न्यायालय में अगली तारीख एडमिशन के लिए 12 &sol;7&sol; 2021 निर्धारित की गई है&period; इसपर फातमा ने  करबद्ध आग्रह किया है कि एक महिला सदस्य जो अधिवक्ताओं के लिए उनके हित में आवाज उठा रही है तथा उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है उनका  सपोर्ट करें।<&sol;p>&NewLine;

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