पुनपुन-दरधा के उफान से कई गांवों का संपर्क टूटा, बाढ़ का खतरा गहराया

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारी शरीफ&comma; अजीत<&sol;strong>&colon; पुनपुन और दरधा नदी के बढ़ते जलस्तर ने पटना के ग्रामीण इलाकों में मुश्किलें बढ़ा दी हैं&period; फतुहा प्रखंड के कई गांवों में बाढ़ का खतरा लगातार गहराता जा रहा है&period; नदियों का पानी तेजी से बढ़ने के कारण गौरीचक से अलावलपुर&comma; पियररिया&comma; जमालपुर और यमुनापुर गांव को जोड़ने वाले संपर्क मार्ग पर पानी चढ़ गया है&period; इससे इन गांवों का सड़क संपर्क बाधित हो गया है और ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>ग्रामीणों के अनुसार&comma; पिछले कुछ समय से पुनपुन और दरधा नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है&period; जलस्तर बढ़ने के साथ ही निचले इलाकों में पानी फैलने लगा है&period; कई सड़कों और संपर्क मार्गों पर पानी जमा हो गया है&period; इससे लोगों के लिए जरूरी सामान खरीदने&comma; इलाज के लिए अस्पताल जाने और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए गांव से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>गौरीचक से अलावलपुर&comma; पियररिया&comma; जमालपुर और यमुनापुर को जोड़ने वाला संपर्क मार्ग प्रभावित होने के बाद ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ गई है&period; ग्रामीणों को आशंका है कि यदि इसी तरह जलस्तर बढ़ता रहा तो आने वाले दिनों में बाढ़ का पानी रिहायशी इलाकों में भी प्रवेश कर सकता है&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल प्रभावित इलाकों का निरीक्षण कराने&comma; नदियों के जलस्तर की निगरानी बढ़ाने और स्थिति बिगड़ने पर नाव एवं अन्य वैकल्पिक आवागमन की व्यवस्था करने की मांग की है&period; संवेदनशील इलाकों में राहत और बचाव दल को भी पहले से अलर्ट रखने की मांग की गई है&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जनप्रतिनिधियों की अनुपस्थिति पर ग्रामीणों में नाराजगी<br &sol;>बाढ़ का खतरा बढ़ने के बावजूद प्रभावित गांवों में सांसद और विधायक समेत स्थानीय जनप्रतिनिधियों के नहीं पहुंचने को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है&period; ग्रामीणों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों को प्रभावित गांवों में पहुंचकर जमीनी स्थिति का जायजा लेना चाहिए और प्रशासन के साथ समन्वय कर लोगों की समस्याओं का तत्काल समाधान कराना चाहिए।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>ग्रामीणों का आरोप है कि संपर्क मार्ग पर पानी चढ़ने और लगातार जलस्तर बढ़ने के बावजूद अब तक प्रभावित गांवों में जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी नहीं दिखी है&period; ग्रामीणों ने कहा कि बाढ़ की स्थिति गंभीर होने से पहले प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को सक्रिय होना चाहिए।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>राहत सामग्री और चिकित्सा व्यवस्था की मांग-<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों से प्रभावित गांवों में तत्काल टीम भेजकर स्थिति का आकलन कराने की मांग की है&period; लोगों का कहना है कि यदि जलस्तर में और वृद्धि हुई तो खाद्यान्न&comma; पेयजल&comma; दवा और पशुओं के चारे की समस्या उत्पन्न हो सकती है&period; इसलिए संभावित बाढ़ को देखते हुए पहले से ही राहत सामग्री&comma; चिकित्सा दल और आवश्यक दवाओं की व्यवस्था की जानी चाहिए।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>ग्रामीणों ने प्रभावित संपर्क मार्गों पर पानी की स्थिति को देखते हुए वैकल्पिक रास्ते उपलब्ध कराने की भी मांग की है&comma; ताकि आपात स्थिति में लोगों को गांव से बाहर निकलने में परेशानी नहीं हो&period; फिलहाल पुनपुन और दरधा नदी के बढ़ते जलस्तर ने फतुहा प्रखंड के इन इलाकों के लोगों की चिंता बढ़ा दी है&period; ग्रामीण लगातार नदी के जलस्तर और गांवों में पानी की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।<&sol;p>&NewLine;

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