एम्स पटना में “सेमिकॉन ईस्ट जोन 3.0” सम्मेलन का सफल आयोजन

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; अजित।<&sol;strong> एम्स पटना के इमरजेंसी मेडिसिन विभाग द्वारा कार्यकारी निदेशक और सीईओ प्रोफेसर सौरभ वार्ष्णेय के संरक्षण में दो दिवसीय सम्मेलन &&num;8220&semi;सेमिकॉन ईस्ट जोन &&num;8211&semi; विद्यार्थी और विशेषज्ञ मीट 3&period;0&&num;8221&semi; का आयोजन किया गया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में डीन अकादमिक प्रभारी डॉ&period; संजय पांडे&comma; एमएस डॉ&period; अमित राज और अन्य वरिष्ठ संकाय सदस्य शामिल हुए। आयोजन समिति के अध्यक्ष और विभागाध्यक्ष ने बताया कि इस कार्यक्रम में एम्स ऋषिकेश&comma; निज़ाम इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज &lpar;हैदराबाद&rpar;&comma; एम्स रायबरेली सहित देशभर के कई प्रतिष्ठित संस्थानों के संकाय सदस्य और प्रतिनिधि शामिल हुए।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>आपातकालीन देखभाल में टीम वर्क महत्वपूर्ण-<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सोसाइटी ऑफ इमरजेंसी मेडिसिन इंडिया के अध्यक्ष डॉ&period; स्विजन्या ने आपातकालीन चिकित्सा क्षेत्र में टीम वर्क के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मरीजों की आपातकालीन देखभाल को बेहतर बनाने के लिए चिकित्सा टीम के बीच समन्वय आवश्यक है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>वहीं&comma; सम्मेलन के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ&period; इमरान ने आपातकालीन चिकित्सा के क्षेत्र में अनुसंधान की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में निरंतर शोध और नए तकनीकों के विकास से आपातकालीन स्थितियों में मरीजों को अधिक प्रभावी उपचार दिया जा सकता है। यह सम्मेलन इमरजेंसी चिकित्सा क्षेत्र में उन्नत तकनीकों&comma; शोध और टीम वर्क को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। इस तरह के आयोजन चिकित्सा जगत में नई दिशा देने का कार्य करते हैं।<&sol;p>&NewLine;

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