डांडिया के आयोजन में खूब थिरके स्कूल के बच्चे

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>हाजीपुर&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;<&sol;strong> इरफान जामियावाला जो एक प्रतिष्ठित कलात्मक निर्देशक और मुंबई स्थित पिक्सल डी स्टूडियो के कार्यकारी निर्देशक हैं&comma; को हाल ही में बिहार के हाजीपुर स्थित टैगोर किड्स &amp&semi; हाई स्कूल में आयोजित डांडिया कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुये और इन्हें सम्मानित भी किया गया। यह सम्मान उनकी कला&comma; रचनात्मकता और भारतीय एनीमेशन व विज्ञापन उद्योग में दिए गए अद्वितीय योगदान के लिए प्रदान किया गया है। इरफान जामियावाला ने अपने करियर में कई प्रतिष्ठित राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स पर काम किया है&comma; जो भारतीय कला और संस्कृति को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने में सहायक साबित हुए हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>डांडिया कार्यक्रम सह सम्मान समारोह यह समारोह हाजीपुर के टैगोर किड्स &amp&semi; हाई स्कूल में नवरात्रि के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था। डांडिया एक पारंपरिक नृत्य है&comma; जो मुख्य रूप से गुजरात और राजस्थान में किया जाता है&comma; लेकिन अब यह पूरे भारत में लोकप्रिय हो चुका है। इस सांस्कृतिक कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल भारतीय संस्कृति का जश्न मनाना था&comma; बल्कि बच्चों और समाज को कला&comma; संस्कृति&comma; और रचनात्मकता के प्रति प्रेरित करना भी था। इस विशेष अवसर पर&comma; स्कूल प्रबंधन ने इरफान जामियावाला को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया और उनकी उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए उन्हें सम्मानित किया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इरफान जामियावाला की कलात्मक यात्रा इरफान जामियावाला ने भारतीय कलात्मक निर्देशन और एनिमेशन में अपनी एक विशेष पहचान बनाई है। उनकी कंपनी पिक्सल डी स्टूडियो&comma; मुंबई में एनीमेशन&comma; विज्ञापन&comma; और डिजिटल प्रोडक्शंस के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रही है। उन्होंने कई बड़े ब्रांड्स और फिल्मों के लिए काम किया है और उनके निर्देशन में बने प्रोजेक्ट्स को न केवल भारत में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहा गया है। उनकी कला में भारतीय संस्कृति&comma; रंगों और पारंपरिक मूल्यों की झलक स्पष्ट रूप से दिखाई देती है&comma; जो उन्हें दूसरों से अलग बनाती है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>बच्चों के साथ संवाद कार्यक्रम के दौरान इरफान जामियावाला ने स्कूल के छात्रों से मुलाकात की और उन्हें अपने जीवन के अनुभव साझा किए। उन्होंने संस्कृत के श्लोक से और गीता और कुरान के हवाले से बच्चो को भारतीय सभ्यता और संस्कार के साथ मानवता समझाया&comma; आध्यात्मिकक ज्ञान से उन्होंने बच्चों को रचनात्मकता&comma; कला और तकनीक के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रेरित किया। इरफान ने बताया कि कैसे कला के प्रति जुनून और मेहनत ने उन्हें एक सफल करियर की ओर अग्रसर किया। उन्होंने कहा कि डांडिया जैसे सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से भारतीय परंपरा और कला की सुंदरता को समझने और उसे आगे बढ़ाने का अवसर मिलता है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>समारोह का मुख्य उद्देश्य इस डांडिया कार्यक्रम और सम्मान समारोह का मुख्य उद्देश्य बच्चों और समाज को भारतीय संस्कृति और रचनात्मकता की ओर आकर्षित करना था। इरफान जामियावाला ने कला के महत्व पर जोर देते हुए यह संदेश दिया कि कला और रचनात्मकता सिर्फ मनोरंजन नहीं हैं&comma; बल्कि समाज और संस्कृति के विकास के महत्वपूर्ण पहलू हैं। स्कूल के प्रबंधन ने इस बात पर जोर दिया कि इरफान जामियावाला जैसे महान कलाकारों को सम्मानित करना बच्चों के लिए एक प्रेरणा का स्रोत हो सकता है और उन्हें अपने जीवन में बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए प्रेरित करेगा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>निष्कर्ष इरफान जामियावाला का टैगोर किड्स &amp&semi; हाई स्कूल के डांडिया कार्यक्रम में सम्मानित होना न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धियों की सराहना है&comma; बल्कि यह बच्चों और युवा पीढ़ी को कला&comma; संस्कृति&comma; और रचनात्मकता के प्रति प्रेरित करने का एक सार्थक प्रयास भी है। उनकी उपस्थिति और मार्गदर्शन से छात्रों को यह समझने का अवसर मिला कि रचनात्मकता और कला के माध्यम से जीवन में सफलता कैसे प्राप्त की जा सकती है। इस आयोजन में स्कूल के सभी बच्चों के साथ- साथ स्कूल के निदेशक डॉ शशि भूषण कुमार&comma;प्राचार्या पिंकी कुमारी&comma;शिक्षिकाओं में सुष्मिता सिन्हा&comma;रूबी कुमारी&comma;रेणु शर्मा&comma;शबनम खानम&comma;सुप्रिया कुमारी&comma;साक्षी प्रिया&comma;जुली कुमारी&comma;ईशा सोनी&comma;लुवना नवाज&comma;नेहा कुमारी&comma;विधि ठाकुर&comma;मुस्कान कुमारी&comma;उमा देवी&comma;सविता देवी एवं शिक्षकों में कुंदन कृष्णा व साकिब अहमद प्रमुख रूप से उपस्थित थे।<&sol;p>&NewLine;

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