सरदार का फरमान अब कोयला उठाव के लिए देनी होगी 1000 रुपये प्रति टन रंगदारी

&NewLine;<p><strong>धनबाद&lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;&colon;<&sol;strong> &&num;8216&semi;रंगदारों के सरदार&&num;8217&semi; ने बाघमारा कोयलांचल में कोयला उठाव के लिए रंगदारी में एक बार फिर बढ़ोतरी की है&period; बकायदा फरमान जारी किया गया है&period; लिंकेज व इ-ऑक्शन का कोयला उठाव करने पर प्रति टन पहले दी जाने वाली रंगदारी में 250 से 600 रुपया तक की बढ़ोतरी की गयी है&period; &&num;8216&semi;सरदार&&num;8217&semi; के नये फरमान के मुताबिक&comma; इ-ऑक्शन का कोयला उठाव करने पर अब उद्यमियों को 1000 रुपया प्रति टन रंगदारी देनी होगी&comma; जबकि लिंकेज कोटे के लिए 900 रुपया प्रति टन रंगदारी &lpar;लोडिंग सहित&rpar; देनी होगी&period; &&num;8216&semi;रंगदारों के सिंडिकेट&&num;8217&semi; के फरमान से कोयला उद्यमियों में हड़कंप है&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>फरमान पर अमल शुरू सिंडिकेट के गुर्गे &&num;8216&semi;सरदार&&num;8217&semi; के फरमान पर अमल करना शुरू कर दिये हैं&period; बाघमारा कोयलांचल स्थित बीसीसीएल की विभिन्न कोलियरियों से कोयला उठाव पर उद्यमियों से प्रति टन 900 से 1000 रुपया की रंगदारी वसूली जा रही है&period; इधर&comma; चर्चा आम है कि सत्ता से दूर होने के बावजूद आखिर &&num;8216&semi;सरदार&&num;8217&semi; को अचानक कहां से और कौन-सी टॉनिक मिल गयी&comma; जो रंगदारी टैक्स में बढ़ोतरी कर दी है&period; जैसा कि पहले भी होता आया है&comma; बढ़ोतरी का पैसा नहीं देने वाले उद्यमियों का कोयला उठाव नहीं होने देने की चेतावनी भी दी गयी है&period;400 से 1000 प्रति टन हुआ रंगदारी टैक्स अभी तक इ-ऑक्शन के कोयला उठाव पर प्रति टन 400 रुपया रंगदारी टैक्स &lpar;लोडिंग सहित&rpar; वसूली होती थी&period; अब 1000 रुपया देना पड़ रहा है&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>बाघमारा कोयलांचल में बीसीसीएल की सिर्फ जमुनिया&comma; नदखुरकी&comma; बेनीडीह&comma; शताब्दी&comma; मुराईडीह&comma; ब्लॉक-फोर आदि कोलियरियों से हर माह औसतन 8000 टन कोयला का उठाव इ-ऑक्शन के माध्यम से होता है&period; अब हिसाब लगा लें- उद्यमियों को हर माह करीब 80 लाख रुपये रंगदारी देनी पड़ रही है&period;लिंकेज होल्डर से 900 रुपये की वसूली बीसीसीएल की एक दर्जन से अधिक कोलियरियों पर &&num;8216&semi;रंगदारों के सिंडिकेट&&num;8217&semi; का कब्जा है&period; इनमें मुराईडीह&comma;जमुनिया&comma; बेनीडीह&comma; नदखुरकी&comma; शताब्दी&comma; ब्लॉक-फोर&comma; आकाशकिनारी&comma; जोगीडीह कोलियरी आदि शामिल हैं&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>यहां से हर माह औसतन 21000 टन लिंकेज कोटा के कोयले का उठाव होता है&period; लिंकेज उद्यमियों को पहले प्रति टन 650 रुपये रंगदारी देनी पड़ती थी&period; इसे पहले बढ़ा कर 700 रुपये और अब 900 रुपया प्रति टन कर दिया गया है&period;।लोडिंग चार्ज प्रति ट्रक हुआ 15 सौ रुपये इसके अलावा कोयला उद्यमियों से लोडिंग चार्ज सहित अन्य खर्च के नाम पर भी प्रति ट्रक 1500 रुपये की वसूली की जा रही है&period; यहां तक कि आरओएम की जगह स्टीम व बढ़िया कोयला लोडिंग कराने के लिए सिंडिकेट के गुर्गों को प्रति टन अलग से प्रीमियम चार्ज भी देना पड़ता है&period; 900 रुपया रंगदारी होने से लिंकेज होल्डरों को हर माह औसतन 1&period;89 करोड़ रुपये रंगदारी देनी पड़ रही है।<&sol;p>&NewLine;

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