पुस्तक मेला में समरथ को नाही दोष गोसाईं का मंचन

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">पटना&comma; अजीत।<&sol;mark><&sol;strong> सीआरडी पटना पुस्तक मेला परिसर में शनिवार को चर्चित नाट्य संस्था &&num;8220&semi;सूत्रधार&&num;8221&semi; द्वारा सफदर हाशमी लिखित एवम नीरज कुमार द्वारा निर्देशित नुक्कड़ नाटक &&num;8220&semi;समरथ को नाही दोष गोसाईं&&num;8221&semi; का प्रभावशाली प्रदर्शन किया गया&period;समरथ को नाही दोष गोसाईं&comma; नाटक का कथ्य देश में व्याप्त भ्रष्टाचार&comma; जमाखोरी&comma; कालाबाजारी जैसी समस्याओं पर केन्द्रित है&period;<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस नाटक में दिखाया गया है कि आजादी के 64 साल बाद भी भारतीय जनता मूलभूत आवश्यकताओं से वंचित है&period; इस नाटक में मदारी और जमूरे के माध्यम से आम आदमी की त्रासदी स्थितियों का बखूबी चित्रण है&period; नाटक में नीरज कुमार&comma; शशि भूषण कुमार रत्नेश कुमार धनंजय कुमार&comma;&comma;सेजल रौमी कुमार&comma; शुभम कुमार&comma;सुभम &comma;विशाल कुमार ने अपने अभिनय से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया&period;<br>मौके पर संयोजक जयप्रकाश&comma;गौतम गुलाल&comma;अनीश अंकुर&comma;चंदबिंद सिंह&comma;संजय गुप्ता&comma; मो सरवर आदि मौजूद थे&period;<&sol;p>&NewLine;

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