राष्ट्रीय बालिका दिवस के उपलक्ष्य पर “रन फॉर गर्ल्स” का हुआ आयोजन

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;<&sol;strong> राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर दानापुर प्रखंड में बालिकाओं के अधिकार&comma; सम्मान और सशक्तिकरण को लेकर एक प्रेरणादायी पहल देखने को मिली। इस अवसर पर सहयोगी संस्था के तत्वावधान में 24 जनवरी से विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है&comma; जिसके अंतर्गत 28 जनवरी 2026 को &OpenCurlyDoubleQuote;रन फॉर गर्ल्स” कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस पहल का उद्देश्य बालिकाओं के अधिकारों&comma; सम्मान और सशक्त भविष्य को समाज की मुख्यधारा में लाना तथा जन-जागरूकता को सुदृढ़ करना रहा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यक्रम में दानापुर प्रखंड की लगभग 250 बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह दौड़ सुबह 11&colon;00 बजे दानापुर प्रखंड के मठियापुर से प्रारंभ होकर शिकारपुर स्थित पैक्स भवन तक आयोजित की गई। दौड़ के दौरान बालिकाओं ने शिक्षा&comma; समान अवसर&comma; सुरक्षा&comma; आत्मनिर्भरता और जेंडर समानता जैसे मुद्दों पर समाज को जागरूक करने का संदेश दिया। हाथों में संदेश पट्टिकाएं और चेहरे पर आत्मविश्वास के साथ बालिकाओं ने यह स्पष्ट किया कि सशक्त बालिका ही सशक्त समाज की आधारशिला है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>स्थानीय नेतृत्व का समर्थन&comma; बालिकाओं को मिला हौसला&colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस अवसर पर दानापुर की प्रमुख वंदना राय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज की बालिकाएं केवल भविष्य नहीं&comma; बल्कि वर्तमान की शक्ति हैं। &OpenCurlyQuote;रन फॉर गर्ल्स’ जैसे कार्यक्रम बालिकाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाते हैं और समाज को यह सोचने के लिए प्रेरित करते हैं कि बेटियां किसी से कम नहीं हैं। दानापुर प्रखंड में हम यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि बालिकाओं को शिक्षा&comma; सुरक्षा और सम्मान के समान अवसर मिलें।”<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>सतत सशक्तिकरण की दिशा में सहयोगी संस्था की पहल&colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सहयोगी संस्था की कार्यकारी निदेशक रजनी ने कहा कि यह कार्यक्रम केवल एक दौड़ नहीं&comma; बल्कि एक सामाजिक आंदोलन का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि हमारी संस्था का मानना है कि बालिकाओं का सशक्तिकरण केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं&comma; बल्कि एक सतत सामाजिक प्रक्रिया है। &OpenCurlyQuote;रन फॉर गर्ल्स’ जैसे आयोजनों के माध्यम से हम बालिकाओं में आत्मविश्वास&comma; नेतृत्व क्षमता और अपने अधिकारों के प्रति जागरूकता विकसित करना चाहते हैं। आज जब 250 से अधिक बालिकाएं एक साथ अपने सशक्त भविष्य के लिए दौड़ीं&comma; तो यह स्पष्ट संदेश गया कि बेटियां अब अपने हक और सम्मान को लेकर सजग हैं। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सहयोगी संस्था शिक्षा&comma; स्वास्थ्य&comma; करियर मार्गदर्शन और जेंडर समानता के क्षेत्र में लगातार काम कर रही है&comma; ताकि हर बालिका सुरक्षित&comma; शिक्षित और आत्मनिर्भर बन सके। हमारा प्रयास है कि केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाएं ज़मीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुँचें और बालिकाएं उन्हें अपने जीवन में वास्तविक बदलाव के रूप में महसूस कर सकें। सहयोगी पटना जिले में आदरणीय प्रधानमंत्री जी की योजना &OpenCurlyDoubleQuote;बेटी बचाओ&comma; बेटी पढ़ाओ” एवं राज्य सरकार द्वारा महिलाओं और बालिकाओं के सशक्तिकरण हेतु किए जा रहे प्रयासों में सक्रिय सहयोग प्रदान कर रही है। संस्था द्वारा बालिकाओं को शिक्षा&comma; स्वास्थ्य&comma; करियर चयन&comma; जीवन कौशल और जेंडर समानता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर निरंतर जागरूक किया जा रहा है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं के साथ संवाद सत्र भी आयोजित किया गया&comma; जिसमें उन्हें उनके अधिकारों&comma; शिक्षा के महत्व और भविष्य की संभावनाओं के बारे में जानकारी दी गई। &OpenCurlyDoubleQuote;रन फॉर गर्ल्स” कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि जब समाज बालिकाओं के साथ खड़ा होता है&comma; तब सशक्त&comma; समान और समावेशी समाज की नींव मजबूत होती है।<&sol;p>&NewLine;

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