पोषण पखवाड़ा से संबंधित समीक्षात्मक बैठक डीडीसी की अध्यक्षता में आयोजित

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">पूर्णिया&lpar;न्यूज क्राइम 24&rpar;&colon;<&sol;mark><&sol;strong> महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के द्वारा श्री अन्न &lpar;मिलेट&rpar; को अपनाने एवं लोकप्रिय बनाने की थीम के साथ विगत 20 मार्च से आगामी 03 अप्रैल तक पोषण पखवाड़ा का आयोजन किया जा रहा है। इसके लिए श्री अन्न के उपभोग के प्रति समुदायों को जागरूक करने को लेकर अन्य प्रकार की गतिविधियां आयोजित की जाएगी। जिसको लेकर समाहरणालय सभागार में जिला उप विकास आयुक्त साहिला की अध्यक्षता में समीक्षात्मक बैठक का आयोजन किया गया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p> इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ अभय प्रकाश चौधरी&comma; आईसीडीएस की डीपीओ रजनी गुप्ता&comma; जिला शिक्षा पदाधिकारी शिवनाथ रजक&comma; जिला कृषि पदाधिकारी सुधीर कुमार&comma; जिला बाल संरक्षण इकाई की बेबी रानी&comma;<br>जीविका के डीपीएम तरुण कुमार&comma; भोला पासवान शास्त्री कृषि विश्वविद्यालय के प्राचार्य डॉ पारस नाथ एवं कृषि वैज्ञानिक डॉ एसके सिन्हा&comma; कृषि विज्ञान केंद्र जलालगढ़ की वैज्ञानिक डॉ सीमा&comma; डीसी निधि प्रिया&comma; सहायक सुधांशु कुमार&comma; केयर इंडिया के डीटीएल अलोल पटनायक एवं यूनिसेफ के देवाशीष घोष के अलावा कई अन्य अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>श्री अन्न की खेती की उपयुक्तता के संबंध में जन जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से मनाया जा रहा है पोषण पखवाड़ा&colon; डीडीसी<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><br>जिला उप विकास आयुक्त साहिला ने कहा कि जिले में संचालित पोषण पखवाड़ा के दौरान समग्र रूप से व्यक्तिगत और सामुदायिक स्तर पर व्यवहार परिवर्तन के माध्यम से गर्भवती महिलाओं&comma; स्तनपान कराने वाली माताओं&comma; किशोरियों के अलावा 6 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के पोषण स्तर में अपेक्षित सुधार लाने को लेकर जन भागीदारी को सुनिश्चित करना होगा। इसके लिए विभिन्न प्रकार की गतिविधियों का आयोजन भी किया जाना है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p> इस वर्ष पोषण पखवाड़ा का थीम स्थानीय तौर पर उपजाए जाने वाले श्री अन्न जैसे- ज्वार&comma; बाजरा&comma; रागी&comma; कोदो&comma; चीना इत्यादि के स्वास्थ्य लाभ और कठोर जलवायु परिस्थितियों में श्री अन्न की खेती की उपयुक्तता के संबंध में जन जागरूकता बढ़ाना है। जिले के सभी स्कूलों में श्री अन्न रेसिपी मेला का आयोजन कर मिलेट के महत्व पर किशोरी समूह के साथ प्रश्नोत्तरी आयोजित की जानी चाहिए। ताकि स्कूली बच्चों को इसके संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी मिल सके।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पोषण एवं स्वास्थ्य से जुडे हुए संदेश को पहुंचाने के लिए प्रचार रथ का किया जा रहा है प्रयोग&colon; डीपीओ<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><br>समेकित बाल विकास परियोजना की जिला कार्यक्रम अधिकारी रजनी गुप्ता ने कहा कि पोषण पखवाड़ा में ग्रामीण स्तर पर सभी तरह के समुदाय के बीच पोषण से संबंधित संदेश को प्रचार-प्रसार करने के लिए आईसीडीएस के द्वारा जिले में पोषण एवं स्वास्थ्य से संबंधित संदेश को वृद्धि निगरानी प्रचार रथ के माध्यम से सामुदायिक स्तर पर पोषण एवं स्वास्थ्य से जुडे हुए संदेश को उनके द्वार तक पहुंचाने के लिए विभाग के अलावा अन्य सहयोगी संस्थाओं के अधिकारी एवं कर्मी कार्यक्रम को सफल बनाने में लगे हुए हैं। हालांकि ऐसे समय में पोषण जागरूकता के कार्य के लिए सभी सहयोगी संस्थाएं यथा- केयर इंडिया एवं यूनिसेफ सहित कई अन्य संस्थानों&comma; जिले के सभी जनप्रतिनिधि एवं समुदाय के लोगों को आगे आने की जरूरत है।<&sol;p>&NewLine;

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