राधा कृष्ण सरस्वती विद्या मंदिर में क्षेत्रीय सचिव मुकेश नंदन का हुआ आगमन, फूल मालाओं से किया गया स्वागत

&NewLine;<p><strong>अररिया&lpar;रंजीत ठाकुर&rpar;&colon;<&sol;strong> शुक्रवार को राधाकृष्ण सरस्वती विद्या मंदिर जोगबनी में क्षेत्रीय सचिव माननीय मुकेश नंदन जी एवं प्रांतीय सह सचिव राम लाल सिंह का एक साथ आगमन हुआ। वंदना सत्र में उन्होंने द्वीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम को प्रारम्भ किया। वंदना पश्चात विद्यालय के प्रधानाचार्य मनोज कुमार ने उनका परिचय उपस्थित सभी लोगों से कराया एवम उनका सम्मान पाग &comma;चादर एवम फूल का गुलदस्ता से किया गया। उसके बाद माननीय क्षेत्रिय सचिव ने उपस्थित सभी भाई &sol;बहन का मार्गदर्शन किया&period; माननीय क्षेत्रीय सचिव &comma; प्रांतीय सह सचिव &comma; समिति सदस्य &comma; अचार्य एवम भाई &sol;बहन ने वृक्षारोपण का भी कार्य किया । फिर उन्होंने सभी कक्षा के शैक्षणिक गतिविधियों का अवलोकन भी किया । उन्होंने सभी अचार्य और दीदी जी के साथ परिचयात्मक बैठक भी लिया। उन्होंने नई शिक्षा नीति के विषय मे सभी को जानकारी भी दिया। उन्होंने कहा राष्ट्रिय शिक्षा नीति के द्वारा विद्यालयी शिक्षा को जो अनुपम दिशा मिल रही है वह वास्तव मे भारत को ज्ञान के क्षेत्र मे एक नई ऊंचाई देने मे सर्व समर्थ साबित होगी । यह शिक्षा प्रणाली भारतीय मूल्यों से विकसित शिक्षा प्रणाली है जो सभी को उच्चतर गुणवत्ता शिक्षा उपलब्ध करा के और भारत को वैश्विक ज्ञान महाशक्ति बना कर भारत को एक जीवंत और न्यायसंगत ज्ञान समाज मे बदलने के लिए प्रत्यक्ष रूप से योगदान करेगी&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>ज्ञान के संवर्धन के लिए जो शिक्षण शास्त्रीय कदम उठाये जाने का इस नीति मे वर्णन मिला है उससे उपरोक्त आशय का स्पष्टीकरण निम्नकित बिन्दुओं से स्पष्ट हो जाएगा&period; त्रि भाषा के मुख्यधारा विकल्प मे संस्कृत को प्रोत्साहित करना&comma; भारत के प्राचीन साहित्य को पढ़ाना&comma; भारतीय दर्शनशास्त्र को पढ़ाना&comma; प्राचीन भारतीय गणित &lpar;वैदिक गणित &rpar; धातु विज्ञान &comma; चिकित्सा विज्ञान एवं विविध कलाओं का ज्ञान को सम्मानित करना । ECCE के द्वारा भाव्य भावी विकास की निव&comma; प्रायोगिक अधिगम पर विशेष बल&comma; काला समन्वय एवं खेल समन्वय बहुभाषावाद एवं भाषा की शक्ति अनिवार्य विषयों कौशलों और क्षमताओं का शिक्षाक्र्मिय एकीकरण कोर्स चुनाव के विकल्पों मे लचिलापन&comma; आकलन मे अमूलचुल परिवर्तन&comma; विशेष प्रतिभा वाले मेधावी छात्रों की सहायता&comma; कक्षा की गुणवत्ता को सर्वोत्तम बनाना एवम समसामयिक विषयों जैसे आर्टिफ़िश्यल – इंटेलिजेंस डिजाइन थिंकिंग होलिस्टिक हेल्थ ओर्गेनिक लिविंग एवं वैश्विक नागरिकता शिक्षा इत्यादि का समावेश अतएव हम कह सकते हैं कि राष्ट्रिय शिक्षा नीति के विद्यालयी शिक्षा मे भारत के लक्षित भावी परिवर्तन सन्नहित हैं । इस कार्यक्रम में विद्यालय के अध्यक्ष विजय प्रसाद सिन्हा &comma; संरक्षक सत्यदेव प्रसाद विस्वास सचिव शिव कुमार लाल दास &comma; सह सचिव मनोहर राठी उपस्थित रहें। कार्यक्रम का समापन सचीव श्री शिव कुमार लाल दास के धन्यवाद ज्ञापन से हुआ।<&sol;p>&NewLine;

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