क्वाड विदेश मंत्रियों ने नई दिल्ली बैठक में हिंद-प्रशांत से जुड़े क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>दिल्ली&comma; à¤¸à¥‹à¤¨à¥‚ कुमार &colon;<&sol;strong> क्‍वाड देशों ने आज नई दिल्ली में अपने विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान&comma; गठबंधन के एजेंडे की प्रगति की समीक्षा की और हिंद-प्रशांत से जुड़े क्षेत्रीय तथा वैश्विक घटनाक्रम पर चर्चा की।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>बैठक समाप्त होने के बाद विदेश मंत्रालय में अपर सचिव के&period; नागराज नायडू ने संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि बैठक में स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत के प्रति क्‍वाड की प्रतिबद्धता को दोहराया गया है। उन्होंने बताया कि चर्चा क्‍वाड सहयोग के चार मुख्य स्तंभों पर केंद्रित रही&comma; जिनमें समुद्री और सीमा-पार सुरक्षा&comma; आर्थिक समृद्धि&comma; सुरक्षा&comma; महत्वपूर्ण तथा उभरती प्रौद्योगिकियां&comma; मानवीय सहायता और आपदा राहत शामिल हैं। श्री के&period; नागराज नायडू ने बताया कि क्‍वाड देशों ने आज हिंद-प्रशांत समुद्री निगरानी सहयोग’ की शुरुआत की&comma; जिसका उद्देश्य समुद्री निगरानी के क्षेत्र में समन्वय को और अधिक मजबूत बनाना है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि आतंकवाद-रोधी प्रयास क्‍वाड सहयोग का एक महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। विदेश मंत्रियों ने सीमा-पार आतंकवाद और आतंकवाद के सभी रूपों तथा अभिव्यक्तियों की कड़ी निंदा की। उन्होंने बताया कि जारी संयुक्त बयान में&comma; पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की भी निंदा की गई है।<&sol;p>&NewLine;

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