जिले में सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन कार्यक्रम का प्रधानमंत्री ने वर्चुअली किया उद्घाटन

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">पूर्णिया&lpar;न्यूज क्राइम 24&rpar;&colon;<&sol;mark><&sol;strong> 01 जुलाई। जिले में सिकल सेल डिजीज मिशन 2027 की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा वर्चुअल रूप से मध्यप्रदेश के साहडोल से की गई। भारत के 17 राज्यों में इस मिशन की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा की गई जिसमें बिहार राज्य के छह जिले &lpar;पश्चिम चंपारण&comma; पूर्णिया&comma; बांका&comma; सिवान&comma; जमुई व कटिहार&rpar; शामिल हैं। इस मिशन के अलावा प्रधानमंत्री द्वारा नेशनल सिकल सेल डिजीज के नेशनल पोर्टल व हेल्थ वर्कर के लिए ट्रेनिंग मैटेरियल का भी लोकार्पण किया गया। ब्लड सेल के राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ एनके गुप्ता ने बताया कि सिकल सेल रोग एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती है। यह आनुवांशिक बीमारी है<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जिसमें व्यक्ति के रक्त कणों का आकार विकृत होकर हसुएं जैसा हो जाता है। यह बीमारी सामान्य रूप से आदिवासी जनजाति में पाई जाती है। यह रोग हमारी जनजातियों के भविष्य और अस्तित्व के सामने बहुत बड़ा खतरा है। इसलिए इसे रोकने के लिए वित्त वर्ष 2023-24 के केंद्रीय बजट में&comma; राष्ट्रीय अभियान सिकल सेल एनीमिया एलिमिनेशन मिशन 2047 शुरू करने की घोषणा की गयी है। यह योजना देश के 17 राज्यों में चलायी जाएगी। इसमें से 13 राज्य इसके अधिक प्रसार वाले क्षेत्र में आते हैं। वहीं बिहार सहित असम&comma; उत्तराखंड&comma; उत्तर प्रदेश में इसका आंशिक प्रसार देखा गया है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>2047 है उन्मूलन वर्ष &colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><br>भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने जनजातीय मंत्रालय और राज्यों के साथ मिलकर अगले 2-3 साल में देश के 17 राज्यों के लगभग 165 जिलों में बस रही 0-40 साल से आयु वाली 7 करोड़ जनसंख्या को 3 साल में स्क्रीनिंग कर अमृतकाल में 2047 तक सिकल सेल बीमारी को खत्म करने की योजना बनाई है। स्क्रीनिंग के बाद सभी को उनकी स्थानीय भाषा में स्मार्ट कार्ड दिया जाएगा। जिससे शादी करने वाले लड़का और लड़की को आसानी से पता चल सकेगा कि शादी के बाद होने वाले बच्चों में सिकल सेल से ग्रस्त होने की संभावना कितनी है। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>ताकि उस अनुसार निवारण के लिए दंपति द्वारा उचित निर्णय लिया जा सके। इस पूरे कार्यक्रम को चलाने के लिए&comma; जनभागीदारी को सुनिश्चित करने और बड़े पैमाने पर जागरूकता लाने के लिए अलग अलग स्तर पर मॉनिटरिंग मैकेनिज्म बनायी गयी है। स्क्रीनिंग में बीमार पाए जाने वाले लोगों को नियमित रूप से टेस्टिंग करते हुए उन्हें उपचार और दवाई मिले&comma; अन्य रोगों की वैक्सीन लगे&comma; डाइट सपोर्ट मिले और समय-समय पर काउंसिलिंग की सुविधा मिलती रहे&comma; वह भी सुनिश्चित की जाएगी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>वृहत कार्ययोजना पर किया जा रहा काम&colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><br>सिविल सर्जन डॉ अभय प्रकाश चौधरी ने बताया कि सिकल सेल रोग से पीड़ित व्यक्ति को बहुत सारी स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है। जिनमें शरीर में दर्द रहना&comma; कमजोरी रहना और खून की कमी जैसे कारणों से मरीज  पूरा जीवन बीमारी के बीच काटता है। सिकल सेल एनीमिया रोग को खत्म करने के लिए दो पहल पर कार्य किया जा रहा है। जिसमें पहला है &&num;8211&semi; इस रोग की रोकथाम&comma; ताकि आगे नए मरीज पैदा न हो और जो मरीज हैं उसके उपचार प्रबंधन और अच्छे स्वास्थ्य सुविधा कैसे उपलब्ध हो उसके लिए वृहत कार्ययोजना तैयार की जा रही है।<&sol;p>&NewLine;

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