राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का आयुर्वेद में आधुनिक तकनीकों को अपनाने का आग्रह

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>दिल्ली&comma;  à¤¸à¥‹à¤¨à¥‚ कुमार &colon; <&sol;strong>राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने समाज के व्‍यापक हित में आयुर्वेद में आधुनिक तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया है। आज नई दिल्ली में &OpenCurlyQuote;सौश्रुतम् 2026’ के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि केंद्र सरकार ने नई ऊर्जा के साथ आयुर्वेद और योग को वैश्विक स्‍तर पर स्थापित किया है। उन्होंने प्रसन्‍नता व्‍यक्‍त की कि आयुर्वेदिक शल्‍य चिकित्‍सा की प्राचीन परंपरा को वैज्ञानिक मानकों पर स्थापित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<figure class&equals;"wp-block-image size-large"><img src&equals;"&sol;&sol;&sol;data&sol;user&sol;0&sol;org&period;wordpress&period;android&sol;cache&sol;img-20260716-wa00071351631100958819990&period;jpg" alt&equals;"" class&equals;"wp-image-13180" &sol;><&sol;figure>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>राष्ट्रपति ने कहा कि आयुष मंत्रालय आयुर्वेदिक स्वास्थ्य सेवा के वैश्विक मानकीकरण को मजबूत करने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन के साथ मिलकर काम कर रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि संगोष्ठी में हुई चर्चाओं से आयुर्वेदिक शल्य चिकित्सा के क्षेत्र में नया ज्ञान उत्पन्न होगा।<&sol;p>&NewLine;

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