सुरक्षित प्रसव एवं माँ और बच्चे के बेहतर स्वास्थ्य के लिए प्रसव पूर्व जांच आवश्यक

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पूर्णिया&lpar;रंजीत ठाकुर&rpar;&colon; <&sol;strong>सुरक्षित प्रसव के साथ ही माँ और होने वाले बच्चे के बेहतर स्वास्थ के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा नियमित रूप से गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच की जाती है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा हर माह के 09 तारीख को सभी स्वास्थ्य केंद्रों में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान कार्यक्रम का आयोजन करते हुए स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच की जाती है। सोमवार को भी जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में महिला स्वास्थ्य चिकित्सकों द्वारा गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच की गई। जांच के बाद महिलाओं को आवश्यक दवाइयों के साथ गर्भावस्था के दौरान उपयोग किए जाने वाले पोषण युक्त भोजन व सावधानियों की भी जानकारी दी गई।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>सभी जरूरी जांच का हुआ आयोजन &colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>महिला स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ नेहा कुमारी ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतर्गत आयोजित कैम्प में गर्भवती महिलाओं की सभी प्रकार की जांच की गई। इसमें खून जांच&comma; अल्ट्रासाउंड&comma; हीमोग्लोबिन&comma; यूरिन टेस्ट&comma; ब्लडप्रेशर आदि की जांच हुई। जांच के बाद जरूरी दवाइयां देने के साथ ही सभी गर्भवती महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने और प्रसव के लिए जरूरी उपायों का ध्यान रखने की जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत दूसरी और तीसरी तिमाही की सभी गर्भवती महिलाओं की गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व देखभाल के लिए स्वास्थ्य जांच हर माह की 09 तारीख को सभी स्वास्थ्य केन्द्रों में कराई जाती है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>गर्भकाल में महिलाएं पौष्टिक आहार का करें सेवन &colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>बैसा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में गर्भवती महिलाओं की जांच में सहयोग कर रहे केयर इंडिया प्रखंड समन्वयक रोहित कुमार ने बताया कि गर्भावस्था में महिलाओं को पौष्टिक आहार का सेवन करना चाहिए। इनसे महिला के स्वास्थ्य तंदुरुस्त रहता है एवं उनमें खून की कमी जैसी समस्या होने का खतरा भी नहीं रहता। इसके लिए महिलाओं को ताजी हरी सब्जियां&comma; साग जैसे पालक&comma; बथुआ&comma; चना&comma; गुड़ इत्यादि का सेवन करना चाहिए । खून की कमी को दूर करने के लिए महिलाओं को आयरन युक्त भोजन लेना चाहिए। आयरन युक्त भोजन के रूप में गाजर&comma; टमाटर&comma; खजूर&comma; अंजीर&comma; किशमिश&comma; छिलके वाली आलू&comma; ब्रोकली&comma; अखरोट&comma; मूंगफली&comma; चुकंदर&comma; अंकुरित बीज&comma; दलिया आदि खाना चाहिए। इसके अलावा महिलाओं को ताजे फल और दूध का सेवन करना चाहिए।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>गर्भवती महिलाओं को नियत समय पर जांच कराना अतिआवश्यक &colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सिविल सर्जन डॉ&period; एस&period; के&period; वर्मा ने कहा कि महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग एवं सचेत रहना उस समय अतिआवश्यक हो जाता है&comma; जब वे गर्भवती रहती हैं। क्योंकि उनके स्वस्थ्य रहने मात्र से ही उनके पेट में पल रहे नवजात शिशु का स्वास्थ्य निर्भर करता है। गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान प्रसव से पूर्व समय-समय पर 4 जांच कराना अतिआवश्यक होता है। इसके साथ ही गर्भवती महिलाओं को टेटनस का टीका भी गर्भावस्था के दौरान अवश्य लेना चाहिए। महिलाओं के शरीर में पर्याप्त मात्रा में खून की स्थिति बनी रहे इसके लिए उन्हें आयरन एवं फॉलिक एसिड गोली के साथ ही हरे पत्तेदार सब्जियों का भी सेवन भरपूर मात्रा में करना चाहिए। ताकि प्रसव के समय एनीमिया की कमी नहीं हो। जिसमें खून जांच&comma; हीमोग्लोबिन&comma; यूरिन जांच&comma; ब्लड प्रेशर सहित कई अन्य तरह की जांच महिला रोग विशेषज्ञ&comma; प्रशिक्षित स्टाफ़ नर्स के द्वारा की जाती हैं। इसलिए नियमित समय पर सभी गर्भवती महिलाओं को अपना स्वास्थ्य जांच जरूर करवानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जांच के साथ ही सभी गर्भवती महिलाओं को अपना प्रसव सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में ही करवाना चाहिए। वहां प्रसव के दौरान होने वाले सभी जरूरत युक्त उपकरणों के साथ प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों की निगरानी में माँ और होने वाले बच्चे बिल्कुल स्वास्थ व सुरक्षित रहेंगे।<&sol;p>&NewLine;

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