ज़िले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में हुई गर्भवती माताओं की जांच

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">पूर्णिया&lpar;न्यूज क्राइम 24&rpar;&colon;<&sol;mark><&sol;strong> जिले में सुरक्षित एवं संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए स्वास्थ्य विभाग एवं स्थानीय स्तर के अधिकारी अपनी ओर से लगातार प्रयासरत हैं। हालांकि अब ग्रामीण क्षेत्रों की गर्भवती एवं धातृ महिलाओं के अलावा उनके परिजनों को जागरूक होने जरूरत है। सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देने के लिए प्रसव पूर्व प्रबंधन बहुत ही जरूरी है। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जिसके लिए सभी सरकारी अस्पतालों में उचित परामर्श&comma; जांच एवं दवा निःशुल्क उपलब्ध हैं। आरोग्य दिवस के दिन बायसी प्रखण्ड की प्रखंड विकास पदाधिकारी नूतन कुमारी द्वारा सादीपुर भुतहा पंचायत के वार्ड संख्या 03 के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्र संख्या&colon; 184 का औचक निरीक्षण किया गया। जहां पर आंगनबाड़ी सेविका बीबी तजल्ली&comma; आशा कार्यकर्ता शकुंतला देवी एवं एएनएम शांति कुमारी के द्वारा विभिन्न प्रकार की मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर विस्तार से जानकारी दी गई। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस अवसर पर स्थानीय बीडीओ नूतन कुमारी&comma; जीपीएसवीएस &lpar;यूनिसेफ&rpar; के डीसी प्रफुल्ल कुमार&comma; सिफार के धर्मेंद्र रस्तोगी&comma; एएनएम शांति कुमारी&comma; सेविका बीबी तजल्ली&comma; आशा शकुंतला देवी एवं विकास मित्र उपस्थित थे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>सामूहिक सहभागिता से सभी को मिल रही हैं स्वास्थ्य सुविधाएं&colon; बीडीओ<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>बायसी प्रखण्ड की प्रखंड विकास पदाधिकारी नूतन कुमारी ने बताया कि स्थानीय प्रखंड के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से सुरक्षित मातृत्व एवं संस्थागत प्रसव के लिए गर्भवती महिलाओं को उचित परामर्श एएनएम के द्वारा दिया जाता है। गर्भवती महिलाओं को प्रसव पूर्व चार बार एएनसी जांच कराना अत्यंत आवश्यक है। एएनसी जांच का मकसद मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाना होता है। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>बायसी प्रखंड में स्वास्थ्य विभाग&comma; आईसीडीएस&comma; जीविका&comma; विभागीय स्तर पर सहयोग करने वाले संस्थान जीपीएसवीएस के अलावा स्थानीय स्तर के जनप्रतिनिधियों की सामूहिक सहभागिता से प्रसव पूर्व जांच में सहयोग किया जाता है। वहीं श्रीपुर मल्लाह टोली के डगराहा पश्चिम के आंगनबाड़ी केंद्र संख्या&colon; 39 पर एएनएम अनिता कुमारी&comma; सेविका नूरजहां एवं आशा कार्यकर्ता निभा देवी के द्वारा गर्भवती महिलाओं की जांच की गई। जबकि स्कूली बच्चियों को स्वास्थ्य जांच के साथ ही टिटनेस की सुई लगाई गई।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>आरोग्य दिवस के दिन सभी तरह की स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध&colon; एमओआईसी<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ विजय कुमार ने बताया कि आरोग्य दिवस के दिन स्थानीय प्रखंड के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों में एएनएम&comma; आशा कार्यकर्ता&comma; आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिकाओं के सहयोग से गर्भवती माताओं की जांच की गई। प्रसव पूर्व जांच से लेकर प्रसव कराने तक की बेहतर व्यवस्था स्थानीय स्तर के स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध कराई गई है। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>गर्भवती होने से लेकर प्रसव काल तक कुछ बातों का ध्यान रखना अतिआवश्यक होता है। गर्भवती महिलाओं को प्रोटीनयुक्त आहार का जरूर सेवन करना चाहिए। दूध&comma; अंडा&comma; मछली&comma; मांस के साथ हरी सब्जियों का भरपूर सेवन करना चाहिए। गर्भवती महिलाओं को एक साथ दो जान की परवाह करनी पड़ती है। पौष्टिक और प्रोटीनयुक्त आहार लेने से दोनों का ख्याल पूरा हो जाता है। जो गर्भवती महिलाएं मांसाहार का सेवन नहीं करती हैं&comma; उन्हें दूध&comma; हरी सब्जियों और फल के सेवन पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए।<&sol;p>&NewLine;

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