पटना हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, बिहार में जारी रहेगी जाति जनगणना

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">पटना&lpar;न्यूज क्राइम 24&rpar;&colon;<&sol;mark><&sol;strong> बिहार में जातिगत गणना से रोक हट गई है। मंगलवार को बिहार में जाति आधारित जनगणना को रोकने के लिए दाखिल याचिका को पटना हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया है&period; कोर्ट के इस फैसले के साथ ही नीतीश सरकार अब प्रदेश में जातिगत जनगणना करवा सकेगी। चीफ जस्टिस के विनोद चंद्रन व जस्टिस पार्थ सार्थी की खंडपीठ ने à¤²à¤—ातार पांच दिनों तक &lpar;3 जुलाई से लेकर 7 जुलाई तक&rpar; याचिकाकर्ता और बिहार सरकार की दलीलें सुनीं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p> कोर्ट ने à¤œà¤¾à¤¤à¤¿ आधारित जनगणना बताने वालों की भी पूरी दलील सुन ली और फिर सरकार के उस दावे का पक्ष भी सुना&comma; जिसके अनुसार यह जाति आधारित सर्वे है। आज पटना हाईकोर्ट ने सीएम नीतीश कुमार के ड्रीम प्रोजेक्ट को हरी झंडी दे दी है। कोर्ट ने इसे सर्वे की तरह कराने की मंजूरी दे दी है। जल्दी ही बिहार सरकार फिर से जातीय जन-जनगणना शुरू करवाएगी। <&sol;p>&NewLine;

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