निक्षय मित्र योजना के तहत मरीजों को मिल रही सहूलियत: सिविल सर्जन

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">पूर्णिया&lpar;न्यूज क्राइम 24&rpar;&colon;<&sol;mark><&sol;strong> प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत वर्ष 2025 तक टीबी जैसी संक्रामक बीमारी को जड़ से खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है। सिविल सर्जन डॉ अभय प्रकाश चौधरी ने बताया कि सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग अपने स्तर से टीबी मरीजों का लगातार पर्यवेक्षण&sol;निगरानी कर रहा है। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>देश में टीबी मरीज़ों की संख्या बढ़ने का मुख्य कारण यह भी है कि अधिकतर मरीज बीच में ही इलाज एवं नियमित रूप से दवा का सेवन करना छोड़ देते हैं। इसीलिए विभाग द्वारा निक्षय मित्र योजना की शुरूआत की गई है। इस योजना के तहत मरीजों को गोद लिया जाता है। ज़िले में अभी तक निक्षय मित्र योजना के तहत 55 मरीजों को गोद लिया गया है। समाचार पत्रों एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से की गई अपील के बाद जिला युवा राजद के जिलाध्यक्ष नवीन यादव ने 15 टीबी मरीजों को गोद लिया है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कसबा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में गोद लिए गए मरीज़ों के बीच खाद्द सामग्री का वितरण किया गया। इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ अभय प्रकाश चौधरी&comma; सीडीओ डॉ मिहिरकान्त झा&comma; एमओआईसी डॉ अशोक कुमार सिंह&comma; बीएचएम&comma; बीसीएम&comma; एसटीएस&comma; एसटीएलएस&comma; लैब टेक्नीशियन&comma; राजद के युवा जिलाध्यक्ष सहित कई अन्य स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित थे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>निक्षय मित्र योजना के तहत मरीजों को मिल रही सहूलियत&colon; सिविल सर्जन<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><br>सिविल सर्जन डॉ अभय प्रकाश चौधरी ने बताया कि निक्षय मित्र योजना के तहत टीबी रोग से पीड़ित लोगों को गोद लिया गया है। अभी भी इसकी प्रक्रिया चल रही है। इस अभियान के तहत निक्षय मित्र बनने वाले व्यक्ति या संस्था को कम से कम एक वर्ष के लिए और अधिक से अधिक तीन वर्ष के लिए किसी ब्लाक&comma; वार्ड या जिले के टीबी मरीज को गोद लेकर उन्हें भोजन&comma; पोषण&comma; आजीविका के स्तर पर आवश्यकता अनुसार मदद करनी होती है। टीबी मरीजों को गोद लेने वाली सामाजिक संस्थाओं&comma; औद्योगिक घरानों&comma; शैक्षणिक संस्था और व्यक्ति निक्षय मित्र कहलाएंगे। निक्षय 2&period;0 पोर्टल पर पंजीकरण करने के बाद ही उस व्यक्ति को निक्षय मित्र कहा जा सकता है। निक्षय मित्र बनने के लिए सदर अस्पताल परिसर स्थित जिला यक्ष्मा केंद से संपर्क किया जा सकता है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>टीबी मरीजों को मदद दिलाने के लिए जिलेवासियों से की जा रही अपील&colon; डॉ मिहिरकान्त झा<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><br>जिला संचारी रोग पदाधिकारी डॉ मिहिरकान्त झा ने बताया कि टीबी से ग्रसित मरीजों के लिए सामान्य नागरिक&comma; गैर सरकारी संस्थान एवं ज़िले के जनप्रतिनिधियों सहित अन्य लोगों को निक्षय मित्र बनने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। निक्षय मित्र बन कर टीबी मरीजों की सहायता करने के लिए स्वास्थ्य विभाग अपील कर रहा है। निक्षय मित्र टीबी मरीजों को पोषण के साथ-साथ रोजगार के लिए अवसर उपलब्ध कराने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। निक्षय मित्र बनने के लिए communitysupport&period;nikshay&period; in पर लॉगिन करें। उसके बाद प्रधानमंत्री टीबी मुक्त अभियान पर क्लिक करें। इसके बाद निक्षय मित्र के आवेदन पत्र पर क्लिक कर अपनी पूरी जानकारी देकर इस अभियान से जुड़ा जा सकता है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>बीमारी से ग्रसित व्यक्तियों के दुःख दर्द से वाकिफ़ होने पर 15 रोगियों को लिया गोद&colon; नवीन<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><br>जिला युवा राजद के जिलाध्यक्ष नवीन यादव ने बताया कि निजी तौर टीबी जैसी बीमारी का इलाज जिला से लेकर स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में विभागीय स्तर पर किया जाता है। वैसे हमलोग भी क्षेत्र भ्रमण के दौरान टीबी मरीजों सहित कई अन्य बीमारियों से पीड़ित रोगियों से मिलकर दुःख दर्द से वाकिफ होते हैं। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इसलिए टीबी मरीजों की मदद को लेकर हमने अपना हाथ बढ़ाते हुए 15 मरीज़ों को गोद लिया है। हालांकि इतना ही नही बल्कि आगे भी मेरे द्वारा दूसरे लोगों को प्रेरित कर निक्षय मित्रा बनवाया जाएगा। क्योंकि टीबी एक संक्रामक बीमारी है जो माइक्रोबैक्टेरियम ट्यूबरक्लोसिस जीवाणु की वजह से होती है। जिस कारण बीमारी से ग्रसित व्यक्तियों की इम्यून सिस्टम काफी कमजोर हो जाती है। इससे सुरक्षित रहने के लिए दवा सेवन के साथ ही संतुलित आहार का सेवन जरूरी होता है।<&sol;p>&NewLine;

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