बच्चों पर पढ़ाई के मामले में अपनी इच्छा जबरन ना थोंपे मां-बाप

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ़&comma; अजीत।<&sol;strong> सर्वमंगला सांस्कृतिक मंच की ओर से साप्ताहिक नुक्कड़ नाटक की श्रृंखला में महेश चौधरी द्वारा लिखित एवं निर्देशित नाटक &&num;8220&semi;माता-पिता की इच्छाओं की बलि चढ़ते छात्र&&num;8221&semi; की प्रस्तुति वाल्मी&comma; फुलवारी शरीफ पटना में की गई।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>नाटक की शुरुआत अमन राज के स्वरबद्ध गीत- तू कितना नादान रे बंदे&comma; अपने जिगर के टुकड़े को खो दिया&comma; अब क्या कर पायेगा रे बन्दे ……से की गई।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>नाटक के माध्यम से यह दिखाया गया की एक गरीब परिवार के छात्र जेईई परीक्षा में टॉप करता है&period; गांव वाले उस खुशी का जश्न मनाते हैं&period;उसके बाद वहां के अभिभावकों द्वारा अपने-अपने बच्चों को इस रेस में शामिल करने का दबाव बनाया जाता है और अपने बच्चों को बिना जांचे-परखे ही देखा-देखी में कोचिंग की नगरी कहे जाने वाले कोटा में तैयारी के लिए भेज दिया जाता है&period; कोचिंग में बच्चे का अरुचिकर पढ़ाई के बोझ और उधर माता-पिता के दबाव बनाने के कारण बच्चा तनाव में आकर खुदकुशी कर लेता है&period; उसके सुसाइड नोट में यह पाया जाता है की मम्मी पापा मैं जेईई नहीं कर सकता इसलिए आत्महत्या कर रहा हूं&period; सॉरी मम्मी पापा यह आखरी रास्ता है&period;यह सब देखकर उसके माता-पिता को अपने बेटे को खोने के बाद उसे यह एहसास होता है कि मैं गैरजरूरी दिखावे के कारण अपनी इच्छाओं की बलि बेटा को चढ़ा दिया और आगे न जाने कितने बच्चे मां-बाप की इच्छाओं की बलि चढ़ेंगे&period;<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>मंच के सचिव महेश चौधरी ने अभिभावकों तथा पूरे समाज से यह आग्रह किया की सब कोई मिलकर इसका समाधान निकालें&period; सिर्फ बच्चों के माता-पिता को कोसने से पहले हम अपने भीतर झांके&period; हमें भी खुद को आईना दिखाने की जरूरत है&period;कोई भी काम बुरा नहीं होता&period;बच्चों की इच्छाओं के अनुरूप उसे उसी क्षेत्र में आगे बढ़ाना चाहिए क्योंकि पढ़ाई के दबाव से ज्यादा अपने माता-पिता की इच्छाओं को पूरा करने का तनाव होता है &period; अभिभावक अपनी महत्वाकांक्षाएं बच्चों पर न लादे। नाटक के कलाकार महेश चौधरी&comma; मिथिलेश कुमार पांडे&comma; अमन&comma; करण&comma; राहुल&comma; विनोद प्रसाद चौरसिया&comma; गौतम राज&comma; सौरभ कुमार एवं रेहान थे।<&sol;p>&NewLine;

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