जल संरक्षण विषय पर कला एवं चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; अजित।<&sol;strong> राजधानी पटना स्थित कुमुदिनी शिशु विद्या मंदिर में शनिवार को एक विशेष कला एवं चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। यह प्रतियोगिता <strong>कुमुदिनी एजुकेशनल सह चैरिटेबल ट्रस्ट<&sol;strong> के संयुक्त बैनर तले आयोजित की गई। प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य बच्चों के माध्यम से <strong>जल संरक्षण<&sol;strong> के प्रति जागरूकता फैलाना था। कार्यक्रम का विषय था – &ast;&&num;8221&semi;जल बचाओ&comma; जल संरक्षित करो&&num;8221&semi;<br>इस प्रतियोगिता में विभिन्न कक्षाओं के लगभग 120 विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपनी रचनात्मकता के माध्यम से जल संरक्षण के महत्व को खूबसूरती से प्रदर्शित किया। बच्चों ने रंगों के माध्यम से यह संदेश दिया कि जल ही जीवन है और इसे बचाना हमारा कर्तव्य है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यक्रम की <em>मुख्य अतिथि ट्रस्ट की चेयरपर्सन उषा कुमारी रहीं&comma; जिन्होंने विजेता छात्रों को पुरस्कार और प्रमाणपत्र वितरित किए। अपने संबोधन में उन्होंने कहा&comma; &&num;8220&semi;ऐसे आयोजनों के पीछे हमारा उद्देश्य समाज में जल के संरक्षण की आवश्यकता को लेकर जागरूकता फैलाना है। जल की उपयोगिता और भविष्य में इसकी संभावित कमी को ध्यान में रखते हुए बच्चों के माध्यम से यह संदेश समाज में तेजी से फैल सकता है। हमारे बच्चे जागरूक होंगे&comma; तो हमारा भविष्य सुरक्षित रहेगा।&&num;8221&semi;<&sol;em><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>विद्यालय की प्रधानाचार्या अंकिता और अन्य शिक्षक-शिक्षिकाओं ने प्रतियोगिता के आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने बच्चों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं न केवल उनकी रचनात्मकता को विकसित करती हैं&comma; बल्कि सामाजिक जिम्मेदारियों का बोध भी कराती हैं। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागी सभी छात्रों को प्रशंसा प्रमाणपत्र प्रदान किए गए और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।<&sol;p>&NewLine;

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