वक्फ बोर्ड बिल का विरोध, नीतीश कुमार के दावत-ए-इफ्तार का बहिष्कार

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारी शरीफ&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;<&sol;strong> &colon; केंद्र सरकार के वक्फ बोर्ड विधेयक का विरोध तेज होता जा रहा है। बिहार में मुस्लिम संगठनों ने इस बिल के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया है&period; मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा आयोजित दावत-ए-इफ्तार का आधा दर्जन से अधिक मुस्लिम संगठनों ने बहिष्कार कर दिया है&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इमारत-ए-शरिया के नाजिम मुफ्ती मोहम्मद सईदुर रहमान कासमी ने कहा कि यह विधेयक शरीयत के खिलाफ है और इससे वक्फ संपत्तियों पर अवैध कब्जा बढ़ेगा&period; उन्होंने आरोप लगाया कि जदयू इस बिल का समर्थन कर रही है&comma; जिससे मुस्लिम समुदाय नाराज है&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>मुस्लिम संगठनों ने घोषणा की है कि वे 26 मार्च को पटना के गर्दनीबाग में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन करेंगे&period; इस धरने में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड समेत कई मुस्लिम संगठन शामिल होंगे&period; उनका कहना है कि जब तक नीतीश कुमार वक्फ बोर्ड बिल का समर्थन बंद नहीं करते&comma; कोई समझौता नहीं होगा।<&sol;p>&NewLine;

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