वैक्सीन की दोनों डोज लगे श्रद्धालुओं को ही मिलेगी छठ घाट जाने की अनुमति, डीएम का आदेश!

&NewLine;<p><strong>लखनऊ&colon;<&sol;strong> छठ पूजा को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। रविवार को जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने राजधानी के लक्ष्मण मेला मैदान छठ घाट का निरीक्षण कर नगर निगम को क्षेत्र की साफ-सफाई कराने और वहाँ पर कोविड हेल्प डेस्क बनाने के अधिकारियों के निर्देश दिये है। इस पर्व के दौरान लोगों को किसी प्रकार की कोई बाधा उत्पन्न न हो इसके लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया है। उन्होंने कहा छठ पूजा निर्विघ्न संपन्न हो यही कामना है। इस दौरान नगर आयुक्त अजय द्विवेदी समेत कई अधिकारी मौजूद रहें। बता दें कि इस बार वेदी के नजदीक उन्हीं लोगों को जाने की अनुमति होगी जिन्होंने कोविड-19 की वैक्सीन का दोनों डोज लगवा लिया है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>कोविड प्रोटोकॉल का रखा जाएगा पूरा ख्याल-<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>छठ पूजा कल यानी 8 नवंबर से शुरू हो रही है हालांकि&comma; बड़ी छठ पूजा 10 और 11 को मनाई जाएगी। छठ की विशेष पूजा के मद्देनजर जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने लक्ष्मण मेला मैदान स्थित छठ घाट पर पहुंचे और अखिल भारतीय भोजपुरी समाज के पदाधिकारियों के साथ घाट का निरीक्षण किया। इस मौके पर उन्होंने वहाँ गंदगी देख नाराजगी जताते हुए इसे तत्काल साफ करने के निर्देश नगर निगम को दिये। कोविड-19 के चलते जिलाधिकारी ने सभी को कोविड की गाइड लाइन का पालन करते हुए पूजा की अनुमति दी है। कोविड-19 की रोकथाम के लिए उचित दूरी&comma; मास्क पहनना एवं हाथों को सैनिटाइज करना इन सब की उचित व्यवस्था के निर्देश दिये गए हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>ये हैं छठ पूजा की मान्यता-<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>अखिल भारतीय भोजपुरी समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रभुनाथ राय ने बताया कि राजधानी लखनऊ में छठ पूजा की सभी तैयारियां करीब-करीब पूरी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि इस बार की व्यवस्था कोरोना महामारी को ध्यान में रखते हुए किया गया है। मान्यता है कि छठ पूजा प्रकृति देवी की पूजा है जिसे करने से परिवार में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य&comma; सफल जीवन और लंबी आयु का आशीर्वाद मिलता है इसके आलावा ये भी कहा जाता है कि छठी मईया नि&colon;संतानों को संतान देती है और परिवार के सभी बच्चों की रक्षा भी करती हैं। आमतौर पर हिंदू धर्म में उगते सूरज को अर्घ्य देने का रीति रिवाज है मगर छठ इकलौता ऐसा महापर्व है जिसमें श्रद्धालु या व्रत रखने वाली महिलाएं डूबते सूरज को अर्घ्य देती हैं।<&sol;p>&NewLine;

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