भारत पशुधन पोर्टल एप्लीकेशन को राज्य में क्रियान्वयन हेतु एक दिवसीय कार्यशाला – सह – प्रशिक्षण

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">फुलवारी शरीफ़&comma; अजीत। <&sol;mark><&sol;strong>गुरूवार को बामेती सभागार&comma; पटना में डॉ० एन० विजयलक्ष्मी&comma; प्रधान सचिव&comma; पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग&comma; बिहार की अध्यक्षता में &&num;8220&semi;भारत पशुधन पोर्टल एप्लीकेशन को राज्य में क्रियान्वयन हेतु एक दिवसीय कार्यशाला &&num;8211&semi; सह &&num;8211&semi; प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया&period; डॉ० एन० विजयलक्ष्मी&comma; प्रधान सचिव द्वारा दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया&period; प्रशिक्षण में राज्य के सभी क्षेत्रीय निदेशक&comma; पशुपालन&comma; जिला पशुपालन पदाधिकारी&comma; जिला नोडल पदाधिकारी&comma; सहायक जिला नोडल पदाधिकारी तथा कार्य से जुड़े कम्प्युटर ऑपरेटर ने भाग लिया&period;<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यशाला में प्रधान सचिव द्वारा डॉ० एन० विजयलक्ष्मी ने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा संचालित योजना &&num;8216&semi;लाइवस्टॉक हेल्थ और डिजिज कन्ट्रोल प्रोग्राम के तहत राज्य में किये जा रहे पशुओं में टीकाकरण तथा कानों में टैगिंग लगाने के कार्यों से संबंधित डाटा को &&num;8220&semi;भारत पशुधन पोर्टल एप्लीकेशन में प्रविष्टि किया जाना अनिवार्य है&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>उन्होंने बताया कि पोर्टल में डाटा संधारण होने के बाद सिर्फ एक क्लिक&&num;8221&semi; में कृत्रिम गर्भाधान&comma; टीकाकरण तथा टैगिंग संबंधित सभी जानकारी प्राप्त की जा सकेगी&period; सरकार की योजनाओं का लाभ भी उन पशुओं को ही प्राप्त होगा जिसके कानों में टैगिंग किया गया है तथा उसकी प्रविष्टी इस पोर्टल पर की गयी है&period; कर्मियों को सरकार से मिलने वाली प्रोत्साहन राशि भी इस पोर्टल पर संधारित डाटा के आधार पर ही दिया जाएगा&period; पहले ये डाटा इनाफ पोर्टल में संधारित किया जाता था&period;&&num;8221&semi;भारत पशुधन पोर्टल एप्लीकेशन&&num;8221&semi; नेशनल डिजिटल लाइवस्टॉक मिशन पर आधारित एक नया पोर्टल है&comma; इसलिए इसका संचालन संबंधी तकनीकी जानकारी हेतु कार्यशाला का आयोजन जरूरी है&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>प्रधान सचिव द्वारा यह भी बताया गया कि &&num;8216&semi;डिजिटल लाइवस्टॉक मैनेजमेंट सिस्टम&&num;8217&semi; से विभाग की सभी गतिविधियों का डाटा एकत्रित कर एक जगह डिजिटल संधारित किया जा सकता है&comma; जिसका आकलन भी इसी माध्यम से हो सकता है। यह एक बहुत सरल माध्यम है&period; एम०आई०एस० के माध्यम से सभी निदेशालयों के अन्तर्गत जितने भी कार्यक्रमों एवं गतिविधियों का क्रियान्वयन किया जा रहा है&comma; सभी कार्यक्रमों के सभी अवयवों को एक जगह देखा जा सकता है&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस अवसर पर राज्य के नोडल पदाधिकारी डॉ० पल्लवी सिन्हा तथा समन्वयक&comma; डॉ० सुर्यभूषण कुमार द्वारा एप्लीकेशन के कार्यान्वयन संबंधी कार्य योजना तथा तकनीकी पहलुओं की संक्षिप्त जानकारी दी गई&period; प्रशिक्षण कार्यक्रम में केन्द्र से आये विशेषज्ञ राकेश रावत&comma; भावना&comma; विजय सैनी तथा तरूण अग्रवाल द्वारा नेशनल डिजिटल लाइवस्टॉक मिशन पर आधारित &&num;8220&semi;भारत पशुधन पोर्टल एप्लीकेशन&&num;8217&semi; के संचालन&comma; क्रियान्वयन तथा डाटा प्रविष्टि के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई तथा डी०एल०एम०एस० के परियोजना निदेशक&comma; देवांश धारी सिन्हा द्वारा डी०एल०एम०एस० एप्लीकेशन के क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी दी गई&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>कार्यक्रम का संचालन डॉ० करूणा भारती तथा डॉ० राउत कविता अनिल ने किया<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यक्रम में डॉ० सुनील रंजन सिंह&comma; संयुक्त निदेशक &lpar;प०स्वा०&rpar;&comma; डॉ० रजनी रमण श्रीवास्तव&comma; संयुक्त निदेशक &lpar;मु०&rpar;&comma; डॉ० अनूप कुमार अनुपम&comma; निदेशक&comma; पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान&comma; बिहार&comma; पटना&comma; डॉ० दिवाकर प्रसाद&comma; क्षेत्रीय निदेशक&comma; पशुपालन&comma; केन्द्रीय क्षेत्र&comma; पटना तथा डॉ० मनोज कुमार कश्यप&comma; परियोजना निदेशक&comma; बिहार लाइवस्टॉक डेवलपमेंट एजेंसी&comma; पटन एवं डॉ० राकेश बिहारी अम्बस्टा आदि की उपस्थिति रही&period;<&sol;p>&NewLine;

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