विश्व गौरैया दिवस पर बच्चों ने पेंटिंग प्रतियोगिता में दिखाया हुनर, दिया संरक्षण का संदेश

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&comma; अजित।<&sol;strong> प्राथमिक विद्यालय प्रखंड कॉलोनी&comma; फुलवारी शरीफ में विश्व गौरैया दिवस के अवसर पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया&comma; जिसमें बच्चों ने पेंटिंग प्रतियोगिता के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया और गौरैया संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यक्रम के दौरान शिक्षिका नीतू शाही ने बच्चों को नन्ही गौरैया और बिहार के राजकीय पक्षी गौरैया के बारे में रोचक जानकारी दी&period;बच्चों ने गौरैया पर कविता भी लिखी&comma; जिसमें उन्होंने इस प्यारी चिड़िया के संरक्षण की आवश्यकता को उजागर किया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>शिक्षिका नीतू शाही ने बताया कि विद्यालय में बच्चों को नैतिक शिक्षा के साथ-साथ प्रकृति और जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशील बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है&period; स्कूल परिसर में पक्षियों के लिए दाना-पानी रखने की व्यवस्था की गई है&comma; जिससे प्रतिदिन कई गौरैया वहां आती हैं&comma; जिसे देखकर बच्चे बेहद खुश होते हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>उन्होंने यह भी साझा किया कि अब बच्चे न केवल स्कूल में&comma; बल्कि अपने घरों की छतों पर भी चिड़ियों के लिए दाना-पानी रखना शुरू कर चुके हैं&period;विद्यालय परिसर में लगे हरे-भरे पेड़-पौधे भी पक्षियों को घोंसला बनाने के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करते हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस पहल के जरिए बच्चों ने न केवल अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन किया&comma; बल्कि गौरैया संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने का भी सराहनीय कार्य किया&period;विश्व गौरैया दिवस पर यह आयोजन बच्चों के मन में प्रकृति के प्रति प्रेम और जिम्मेदारी की भावना को विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।<&sol;p>&NewLine;

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