दिव्यांग की शिकायत पर एडीएम पटना पर भ्रष्टाचार का आरोप, निगरानी विभाग ने डीएम को जांच का भेजा निर्देश

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>फुलवारी शरीफ&sol;पटना&comma; अजित। पटना जिले के अपर समाहर्ता &lpar;राजस्व&rpar; पर भ्रष्टाचार&comma; पद के दुरुपयोग और दिव्यांग व्यक्ति को मानसिक&comma; शारीरिक एवं प्रशासनिक रूप से प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप लगे हैं। इस मामले में शिकायतकर्ता दिव्यांग राहुल कुमार सिंह&comma; निवासी गांव-गौरीचक&comma; थाना फुलवारी शरीफ&comma; जिला पटना ने महामहिम राज्यपाल&comma; मुख्यमंत्री&comma; मुख्य सचिव&comma; निगरानी विभाग सहित कई उच्चाधिकारियों को ईमेल भेजकर न्याय की गुहार लगाई है और संबंधित पदाधिकारी की चल-अचल संपत्ति की जांच की मांग की है।मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं&comma; तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। राहुल सिंह ने यह भी मांग की है कि दिव्यांगों के साथ अन्याय करने वाले अधिकारियों को सख्त सज़ा दी जाए और उन्हें न्याय के साथ पुनर्वास का लाभ भी मिले।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>राहुल कुमार सिंह ने आरोप लगाया है कि जमाबंदी रद्दीकरण वाद संख्या 33&sol;1 के तहत उनके पुश्तैनी ज़मीन पर निर्णय उनके पक्ष में था&comma; लेकिन एडीएम &lpar;राजस्व&rpar; पटना ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए निर्णय को पलट दिया और विवादित ज़मीन को एक महिला के पक्ष में दर्ज करवा दिया&comma; जिनका न तो नाम दानपत्र में था और न ही कोई वैध दस्तावेज़ प्रस्तुत किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सारा कार्य एडीएम द्वारा प्रभाव और मेल-जोल के आधार पर कराया गया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>शिकायतकर्ता का यह भी कहना है कि जब उन्होंने अपने अधिकार के लिए आवाज़ उठाई&comma; तो उन्हें न सिर्फ मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया&comma; बल्कि उनके परिवार को भी परेशान किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी द्वारा जानबूझकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर फैसला करवाया गया और मामले को प्रभावित किया गया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>राहुल कुमार सिंह ने ईमेल के माध्यम से यह भी कहा कि उन्हें आरटीआई के ज़रिए जानकारी मिली है कि जमाबंदी के जिस वाद में उन्हें हटाया गया&comma; उसमें किसी महिला का नाम दानपत्र में दर्ज ही नहीं था। इसके बावजूद उनका नाम फर्जी तरीके से चढ़ा दिया गया&comma; जो स्वयं भ्रष्ट आचरण को दर्शाता है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस शिकायत के बाद निगरानी विभाग&comma; बिहार सरकार हरकत में आ गया है। निगरानी विभाग के उप सचिव प्रमोद कुमार द्वारा दिनांक 04 जून 2025 को पत्रांक संख्या 2520 के तहत जिलाधिकारी पटना को निर्देशित किया गया है कि वे उक्त शिकायत पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। विभाग ने राहुल सिंह द्वारा भेजे गए ईमेल को आधार बनाकर पूरे मामले की जांच की अनुशंसा की है।<&sol;p>&NewLine;

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