हे प्रभु! जरा आँखें खोलिए दिन के 12 बज गए अब तो दरवाजा का ताला खोल दीजिये

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>अररिया&comma; रंजीत ठाकुर। <&sol;strong> साल बदलने के कुछ हीं दिन बाद हाल हीं में बिहार सरकार के पंचायती राज विभाग के मंत्री भी बदल गए&comma;लेकिन फिर भी क्यों नहीं बदल रहे इस कार्यालय के निकम्मे कर्मी व अधिकारी की कार्यशैली। दरअसल&comma;पूरा मामला अररिया जिले के भरगामा प्रखंड क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। जहां शुक्रवार को दिन के 12 बजे तक शंकरपुर पंचायत सरकार भवन के मुख्य दरवाजा में ताला लटका हुआ था। बताया जाता है&comma;कि इस पंचायत में प्रतिनियुक्त आरटीपीएस कर्मी&comma;पंचायत सचिव&comma;राजस्व कर्मचारी&comma;आवास सहायक&comma;विकास मित्र&comma;पीआरएस&comma;किसान सलाहकार&comma;राजस्व कर्मचारी&comma;मुखिया&comma;सरपंच समेत पंचायत स्तर के सभी कर्मी और अधिकारी 12 बजे लेट नहीं&comma;2 बजे भेंट नहीं की तर्ज पर पंचायत कार्यालय में अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हैं। कहा ये भी जाता है&comma;कि हफ्ते में बड़ी मुश्किल से कुछ क्षणों की उपस्थिति दर्ज करवाकर अक्सर गायब रहना इनकी आदतों में शुमार है। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>अगर सूत्रों की माने तो इन कर्मियों की ऐसी गतिविधियों से प्रखंड प्रशासन भी पूरी तरह वाकिफ हैं&comma;लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। इन कर्मियों की मनमानी के कारण पंचायत के लोगों को सरकार की ओर से कई प्रकार की जनहितैषी सुविधाएं मुहैया कराने के बाद भी प्रखंड कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ रहा है। बताया जाता है&comma;कि प्रखंड के आरटीपीएस काउंटर पर कभी-कभी तो इतनी भीड़ जमा हो जाती है कि गरीब परिवार के लोगों को अपने छोटे-छोटे कामों के लिए दो से तीन दिन का समय गंवाना पड़ता है। जानकारी के मुताबिक पंचायत के लोगों को जाति प्रमाण पत्र&comma;आवासीय प्रमाण पत्र&comma;आय प्रमाण पत्र&comma;राशनकार्ड व सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के पात्र लाभुकों को ऑनलाइन आवेदन करने की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पंचायतों में बने पंचायत सरकार भवन पर सरकारी घोषणा के मुताबिक आरटीपीएस काउंटर का संचालन किया जाना है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p> जिन पंचायतों में पंचायत सरकार भवन नहीं है वहां के पंचायत भवन या सामुदायिक भवन पर आरटीपीएस काउंटर संचालित किया जाएगा। इस बात की जानकारी पंचायत के जनप्रतिनिधियों को होने के बाद भी इस पंचायत सरकार भवन का ताला खुलने का कोई समय निर्धारित नहीं है। जबकि स्थानीय ग्रामीण संजीव कुमार&comma;राजू कुमार&comma;पिंटू कुमार&comma;अभिनंदन यादव&comma;अमित यादव&comma;मुन्ना मंडल&comma;संजय मिश्रा&comma;अशोक मेहता सहित दर्जनों लोगों ने जानकारी देते हुए बताया&comma;कि यहां विभागीय आदेश की धज्जियां पंचायती राज विभाग के अधिकारी व कर्मी हीं उड़ा रहे हैं। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>लोगों ने प्रखंड प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा&comma;कि अगर साहब इस ओर गंभीर रहते तो किसी कर्मियों को इतना हिम्मत नहीं थी कि वे मनमौजी तरीके से जब मन करे तब पंचायत सरकार भवन कार्यालय का ताला खोलते और जब मन करे तब अपने घर के दुकान की तरह हीं पंचायत सरकार भवन का भी ताला बंद कर देते। इस संबंध में पंचायत सचिव सत्येंद्र कुमार ने बताया कि वे और उनके अधिनिस्त सभी कर्मी आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर अस्त-व्यस्त हैं। शायद यही वजह होगा कि पंचायत सरकार भवन का समय से ताला नहीं खुल रहा होगा।<&sol;p>&NewLine;

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