सुख-समृद्धि की कामना लिए अस्ताचलगामी और उदयाचलगामी सूर्य को अर्घ्य

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&comma; अजित।<&sol;strong> लोक आस्था और श्रद्धा के महापर्व छठ का समापन सोमवार की शाम अस्ताचलगामी और मंगलवार की अहले सुबह उदयाचलगामी सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर शांतिपूर्वक संपन्न हुआ&period; इस दौरान पटना&comma; फुलवारी शरीफ और आसपास के ग्रामीण इलाकों के नदी&comma; तालाब&comma; पोखरों और नहरों पर श्रद्धालुओं की अपार भीड़ उमड़ पड़ी&period; चारों ओर छठी मइया के गीतों की मधुर गूंज और भक्ति की भावना से वातावरण आस्था से सराबोर हो गया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>घाटों पर भगवान भास्कर की पूजा-अर्चना बड़े ही विधि-विधान से की गई&period; व्रतियों ने अपने परिवार के सुख&comma; शांति और समृद्धि की कामना करते हुए सूर्य भगवान को अर्घ्य दिया&period; घाटों को आकर्षक फूलों&comma; केले के थम्भों और रंगीन लाइटों से सजाया गया था&period; कई स्थानों पर भगवान भास्कर की प्रतिमा स्थापित कर विशेष पूजा का आयोजन हुआ&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>पटना के जगदेव पथ स्थित बीएमपी तालाब&comma; फुलवारी शरीफ के शिव मंदिर घाट&comma; करोड़ीचक गणेश तालाब&comma; बहादुरपुर सूर्य मंदिर घाट&comma; गोणपुरा सूर्य मंदिर घाट&comma; खगौल लख स्थित बड़ी सोन नहर छठ घाट&comma; अनिसाबाद मानिकचंद तालाब&comma; बजरंगबली कॉलोनी घाट&comma; कुरकुरी पोखरा&comma; परसा&comma; बेउर&comma; सिपारा&comma; रामकृष्ण नगर&comma; खेमनीचक&comma; जगनपुरा&comma; अनिसाबाद&comma; जानीपुर&comma; सकरैचा&comma; धरायचक&comma; राजघाट नवादा&comma; भुसौला&comma; दानापुर&comma; पुनपुन नदी तट घाट&comma; सकरैचा गन्नीपुर बांग्ला पर&comma; संपतचक के भोगीपुर चकपुल स्थित रॉकी मुखिया का तालाब&comma; शाहपुर ब्रह्मपुर तालाब&comma; बैरिया सूर्य मंदिर घाट&comma; इलाहीबाग&comma; तारनपुर कंडाप&comma; कोली कमरजी&comma; लंका कछुआरा&comma; गौरीचक बेलदारीचक&comma; पुनपुन नदी&comma; दरधा नदी सहित ग्रामीण क्षेत्रों के आहार&comma; पैन&comma; तालाब और पोखरों पर व्रतियों की भारी भीड़ रही।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इसके अलावा संजय नगर&comma; मित्र मंडल कॉलोनी&comma; बिड़ला कॉलोनी&comma; साकेत विहार&comma; पुलिस कॉलोनी&comma; बजरंगबली कॉलोनी और वाल्मी स्थित वृंदावन कॉलोनी समेत कई इलाकों में लोगों ने अस्थायी तालाबों एवं घर की छतों पर कृत्रिम सरोवर बनाकर भगवान भास्कर को अर्घ्य अर्पित किया&period; श्रद्धालुओं ने छठी मइया से सुख&comma; समृद्धि&comma; संतान की दीर्घायु और परिवार की मंगल कामना की।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>पूजा के दौरान प्रशासन ने पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था की थी&period; प्रमुख घाटों पर भारी संख्या में पुलिस बल&comma; बीएमपी और सैप जवानों की तैनाती रही&period; अधिकारी लगातार इलाके में गश्त करते नजर आए&period; पटना सदर अनुमंडल पदाधिकारी गौरव कुमार&comma; फुलवारी शरीफ डीएसपी सुशील कुमार&comma; पटना सदर डीएसपी-2 रंजन कुमार&comma; फुलवारी शरीफ थाना अध्यक्ष मोहम्मद गुलाम शाहबाज आलम&comma; गौरीचक थाना अध्यक्ष अमित कुमार&comma; गोपालपुर थाना अध्यक्ष अमित कुमार&comma; परसा बाजार थाना प्रभारी मेनका रानी&comma; जानीपुर थाना अध्यक्ष नवीन कुमार सिंह&comma; रामकृष्ण नगर थाना अध्यक्ष संजीव कुमार&comma; बेउर थाना अध्यक्ष राजीव कुमार समेत कई थानाध्यक्ष&comma; अंचल अधिकारी और प्रखंड विकास पदाधिकारी सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>संपतचक में विधायक डॉ&period; रामानंद यादव और फुलवारी शरीफ में विधायक गोपाल रविदास ने कई घाटों का भ्रमण किया और श्रद्धालुओं को दी जा रही सुविधाओं का निरीक्षण किया&period; पूर्व मंत्री श्याम रजक भी फुलवारी शरीफ के विभिन्न घाटों पर पहुंचे और श्रद्धालुओं को छठ पर्व की शुभकामनाएं दीं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>नगर परिषद फुलवारी शरीफ के अध्यक्ष आफताब आलम&comma; संपतचक नगर परिषद अध्यक्ष अमित कुमार&comma; उपसभापति निशा कुमारी&comma; अध्यक्ष प्रतिनिधि ऋषभ राय ऊर्फ बंटू और उपाध्यक्ष प्रतिनिधि सुधीर कुमार ने घाटों पर व्रतियों को दी जा रही सुविधाओं का निरीक्षण किया&period; नगर परिषद की ओर से साफ-सफाई और प्रकाश व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए गए थे&period; महिलाओं और व्रतियों के लिए चेंजिंग रूम&comma; अस्थायी शौचालय और चिकित्सा सहायता केंद्र की व्यवस्था की गई थी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>पूरे फुलवारी शरीफ और आसपास के इलाकों में छठ पर्व के अवसर पर भक्ति और उत्साह का माहौल बना रहा&period; सूर्यास्त और सूर्योदय के समय घाटों पर &OpenCurlyDoubleQuote;केलवा जे फरेला घवद से ओह पर सुगा मेड़राय” जैसे गीतों की गूंज ने माहौल को पूरी तरह भक्ति रस से भर दिया&period; लोक आस्था का यह महापर्व पूरी श्रद्धा&comma; शांति और सामाजिक सौहार्द के साथ संपन्न हुआ।<&sol;p>&NewLine;

Advertisements

Related posts

पुलिस सप्ताह में रोमांचक क्रिकेट मुकाबला, पुलिस लाइन ने सिविल प्रशासन को हराया

वैभव सूर्यवंशी को 50 लाख का चेक और अंगवस्त्र देकर किया सम्मानित : मुख्यमंत्री

सरस्वती बसंत पटेल अतिथिशाला के भूमि पूजन एवं शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री