एनक्यूएएस प्रमाणपत्र : जिले के 02 और आयुष्मान आरोग्य मंदिर को मिला राष्ट्रीय प्रमाणपत्र

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पूर्णिया&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;<&sol;strong> जिले के 02 और समुदायिक क्षेत्रों में संचालित आयुष्मान आरोग्य मंदिर अस्पतालों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य विभाग द्वारा राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक &lpar;एनक्यूएएस&rpar; प्रमाणपत्र जारी किया गया। केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा पूर्व में दोनों अस्पतालों का मूल्यांकन सुनिश्चित करते हुए अस्पताल में लोगों के लिए उपलब्ध विभिन्न स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की गई थी। उसके आधार पर केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग द्वारा अस्पताल को अंक प्रदान करते हुए एनक्यूएएस प्रमाणपत्र जारी किया गया। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इसमें पूर्णिया पूर्व प्रखंड के आयुष्मान आरोग्य मंदिर उप स्वास्थ्य केन्द्र गौरा और डगरुआ प्रखंड के आयुष्मान आरोग्य मंदिर उप स्वास्थ्य केन्द्र गणडवास को राष्ट्रीय स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रमाणपत्र जारी किया गया। सिविल सर्जन डॉ प्रमोद कुमार कनौजिया ने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग द्वारा दोनों अस्पतालों में लोगों के उपचार के लिए उपलब्ध सभी 07 प्रकार के स्वास्थ्य सुविधाओं का मूल्यांकन करते हुए अस्पताल को प्रमाणपत्र जारी किया गया है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p> इसमें पूर्णिया पूर्व प्रखंड के आयुष्मान आरोग्य मंदिर गौरा को 86&period;21 प्रतिशत अंक और डगरुआ प्रखंड के आयुष्मान अरोग्य मंदिर गणडवास को 83&period;06 प्रतिशत अंक प्राप्त हुआ। दोनों प्रखंड के संबंधित स्वास्थ्य अधिकारी केंद्रीय एनक्यूएएस प्रमाणपत्र प्राप्त करने पर बधाई के पात्र हैं। जिले के अन्य अस्पताल के स्वास्थ्य अधिकारियों को संबंधित अस्पताल में सभी आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं नियमित रूप से उपलब्ध रखना है जिससे कि संबंधित अस्पतालों को भी नेशनल प्रमाणपत्र प्राप्त हो सके और स्थानीय लोगों को इसका आसानी से लाभ मिल सके।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>नेशनल टीम द्वारा दोनों अस्पतालों में लोगों के लिए उपलब्ध सभी 07 सुविधाओं को किया गया चिन्हित &colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>डीसीक्यूए डॉ अनिल कुमार शर्मा कहा कि केंद्रीय टीम द्वारा जिले के दोनों प्रखंड पूर्णिया पूर्व और डगरुआ के दोनों अस्पतालों का अलग अलग मूल्यांकन किया गया है। इस दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा अस्पताल में स्थानीय लोगों के लिए उपलब्ध सभी 07 आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली गई है। इसमें गर्भवती महिलाओं और प्रसव सुविधा&comma; बच्चों और वयस्कों की स्वास्थ्य सुविधा&comma; अस्पताल में उपलब्ध मरीजों के लिए जांच और दवा व्यवस्था सुविधा&comma; योग्य दम्पत्तियों के लिए परिवार नियोजन सुविधा&comma; संचारी रोग चिकित्सा&comma; गैर संचारी रोग चिकित्सा&comma; संचारी रोग चिकित्सा&comma; नवजात एवं शिशु स्वास्थ्य सुविधाएं और इससे स्थानीय लोगों को मिल रहे लाभ शामिल हैं। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>केंद्रीय स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा अस्पताल मूल्यांकन के दौरान अस्पताल में उपलब्ध व्यवस्था और स्थानीय लोगों को संबंधित सुविधा से मिल रहे लाभ का मूल्यांकन करते हुए अस्पताल को अंक प्रदान किया गया है। डॉ अनिल कुमार शर्मा ने कहा कि दोनों अस्पतालों को नेशनल एनक्यूएएस प्रमाणपत्र जारी होने से अगले 03 साल तक सभी स्वास्थ्य सुविधा नियमित रूप से जारी रखने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग द्वारा आवश्यक सहयोग राशि उपलब्ध कराई जाएगी जिससे कि अस्पताल व्यवस्था को नियमित व्यवस्थित रखते हुए स्थानीय लोगों को आवश्यक स्वास्थ्य सहायता प्रदान की जा सके और लोग स्वस्थ और सुरक्षित रह सकें। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य केन्द्र द्वारा स्थानीय लोगों को आवश्यक स्वास्थ्य सहायता प्रदान करने के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग के साथ साथ सहयोगी संस्था यूनिसेफ का भरपूर सहयोग प्राप्त होता है जिसके आधार पर स्वास्थ्य केंद्रों पर आवश्यक स्वास्थ्य सहायता स्थानीय लोगों को नियमित रूप से उपलब्ध कराई जाती है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>अस्पताल प्रबंधन के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा अस्पताल को उपलब्ध कराई जाएगी आवश्यक सहयोग राशि &colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>डीपीएम स्वास्थ्य सोरेंद्र कुमार दास ने बताया कि सरकारी अस्पतालों से मरीजों को मिलने वाले स्वास्थ्य सुविधाओं की मूल्यांकन के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा अस्पताल को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक &lpar;एनक्यूएएस&rpar; प्रमाणीकरण सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। इसके अंतर्गत अस्पतालों में मरीजों के लिए उपलब्ध सभी स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराते हुए जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा राज्य और केंद्र स्वास्थ्य विभाग को आवेदन किया जाता है। पहले राज्य स्वास्थ्य अधिकारियों का मूल्यांकन करने के बाद राज्य प्रमाणपत्र जारी किया जाता है जिसके आधार पर अस्पताल को नेशनल प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किया जाता है। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इसके बाद नेशनल स्वास्थ्य टीम द्वारा अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं का मूल्यांकन करते हुए अस्पताल को अंक प्रदान किया जाता है। राज्य स्वास्थ्य विभाग द्वारा संबंधित अस्पताल को 70 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त होने और राज्य एनक्यूएएस प्रमाणपत्र जारी होने के बाद उसे नेशनल स्वास्थ्य विभाग को अंकेक्षण के लिए आवेदन दिया जाता है। उसके बाद नेशनल टीम द्वारा अस्पताल का मूल्यांकन किया जाता है। नेशनल टीम द्वारा भी अस्पताल को 70 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त होने पर अस्पताल को एनक्यूएएस प्रमाणपत्र जारी किया जाता है। नेशनल एनक्यूएएस प्रमाणपत्र मिलने के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग द्वारा संबंधित अस्पताल को अगले 03 साल तक अस्पताल गुणवत्ता जारी रखने के लिए आवश्यक सहयोग राशि उपलब्ध कराई जाएगी। इससे स्थानीय लोगों को अस्पताल में सभी आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं नियमित रूप से उपलब्ध हो सकेगी और लोग आसानी से इसका लाभ उठा सकते हैं।<&sol;p>&NewLine;

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