अब कैदी नंबर से पुकारे जाएंगे गांधी मैदान बम ब्लास्ट में सजायाफ्ता आतंकवादी

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फूलवारीशरीफ&lpar;अजीत यादव&rpar;&colon;<&sol;strong> पटना के बेउर जेल की स्थिति मंगलवार को काफी बदली बदली नजर आई । गांधी मैदान ब्लास्ट के सभी आतंकियों को मंगलवार को उनका कैदी नंबर दे दिया गया । इसके साथ ही अब सजायाफ्ता कैदियों को उनके नंबर से ही बुलाया जाएगा । जेल सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार फांसी की सजा मिले आतंकियों में नोमान अंसारी को कैदी नंबर 11288 &comma; हैदर अली उर्फ अब्दुल्ला उर्फ ब्लैक ब्यूटी को 10305 &comma; मोहम्मद मुजीब उल्लाह अंसारी को कैदी नंबर 10304 &comma; इम्तियाज अंसारी उर्फ आलम को कैदी नंबर 10306 मिला है &comma; वही उम्र कैद की सजा वाले कैदियों में उमर सिद्दीकी को 10307 और अजहर उद्दीन कुरैशी को 10308 कैदी नंबर दी गई है । 10 साल की सजायाफ्ता आतंकियों में मोहम्मद हुसैन को 11291 और फिरोज आलम उर्फ पप्पू को 11290 जबकि 7 साल की सजा पाए इफ्तेखार आलम को कैदी नंबर 11289 दिया गया है ।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>मंगलवार को बेउर जेल की स्थिति काफी बदली बदली नजर आ रही थी । सजा सुनाए जाने के बाद जैसे ही सभी नौ आतंकी पटना के बेउर जेल पहुंचे उनके चेहरे पर डर और खौफ का मंजर साफ साफ नजर आ रहा था । स्थिति यह थी कि रात में सभी ने ठीक से रात का खाना भी नहीं खाया ।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इसके साथ ही सभी कैदियों को उनके लिए अलग सेल की व्यवस्था की गई है । अब के बाद वे सभी जेल में सिले गए कैदी के ड्रेस को ही पहनेंगे । इसके लिए जेल की तरफ से शब्द की कैदियों को उनके कैदियों के ड्रेस की मंगलवार को नाप ली गई । जैन सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार फांसी की सजा आपका बंधुओं के लिए पजामे में नाड़े की व्यवस्था नहीं होती है । इसके अलावा उनके सेल के अंदर किसी तरह का कोई बिजली का कनेक्शन या फिर पंखे की व्यवस्था नहीं की जाती है । जेल सूत्र बताते हैं कि ऐसा प्रावधान इसलिए भी है क्योंकि फांसी की सजा पाए सजायाफ्ता बंदी किसी तरह की कोई अप्रिय घटना को अंजाम न दे दे । इतना ही नहीं पुण्य कैसे लिख के बाहर एक सुरक्षा बल की ड्यूटी 24 घंटे लगाई जाती है ताकि उन पर कड़ी निगरानी रखी जाए ।<&sol;p>&NewLine;

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