पुलिस पर हमला करने वाले किसी अपराधी या उपद्रवी को बख्शा नहीं जाएगा : एडीजी

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar; <&sol;strong>होली के दौरान राज्य में दर्जनों झड़प और हुड़दंग की वारदातों को समय पर काबू कर लिया गया है। इन घटनाओं में जो भी अपराधी या उपद्रवी शामिल हैं&comma; उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सभी घटनाओं में पुलिस टीम पर हमला करने वालों को चिन्हित कर लिया गया है। जल्द सभी आरोपियों की गिरफ्तारी होगी और आरोपियों के खिलाफ स्पीडी ट्रायल कर सजा दिलाई जाएगी। ये बातें एडीजी &lpar;मुख्यालय&rpar; कुंदन कृष्ण ने सोमवार को पुलिस मुख्यालय सरदार पटेल भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में कही। उन्होंने कहा कि मुंगेर और अररिया में पुलिस पर जानलेवा हमला की घटना हुई थी। परंतु पुलिस ने संयम बरतते हुए भीड़ पर किसी तरह की फायरिंग या अन्य बल प्रयोग नहीं किया&comma; जिससे आमजन हताहत नहीं हो।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>एडीजी कुंदन कृष्ण ने कहा कि पुलिस की प्राथमिकता राज्य में सम्प्रदायिक सौहार्द बना रहे तथा कहीं से कोई अप्रिय घटना नहीं हो&comma; जिससे सामाजिक समरसता प्रभावित हो। इसी वजह से पुलिस कई मौकों पर संयम बरतती है&comma; लेकिन ऐसा नहीं है कि अपराधियों के किसी हमले का पुलिस जवाबी कार्रवाई नहीं करेगी। जो अपराधी पुलिस को चुनौती देगा या पुलिस अपने आत्म रक्षार्थ हर तरह की जवाबी कार्रवाई करेगी। अगर गोली चलाने की भी नौबत आई&comma; तो पुलिस पीछे हटने वाली नहीं है। अपराधियों को उनकी भाषा में ही जवाब देने के लिए पुलिस हर तरह से स्वतंत्र है। इसमें सिर्फ यह ध्यान रखा जाएगा कि किसी आमजन को कोई नुकसान नहीं पहुंचे। मुंगेर&comma; अररिया समेत अन्य जहां भी होली के दौरान हुड़दंग हुए हैं&comma; वहां वीडियो फूटेज और फोटो की मदद से सभी आरोपियों को चिन्हित किया जा रहा है। इसके बाद संबंधित व्यक्ति पर कार्रवाई होगी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>11 सामान्य घटनाएं और दो मारपीट की घटनाएं हुईं-<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस मौके पर मौजूद एडीजी &lpar;विधि-व्यवस्था&rpar; पंकज कुमार दराद ने बताया कि होली पर्व पर दो अलग-अलग समुदायों के बीच 11 सामान्य घटनाएं हुई। इसके अलावा दो जातियों के बीच दो घटनाएं मारपीट की हुई&comma; जिसमें 26 लोग जख्मी हो गए। इसमें 3 लोगों को हिरासत में लिया गया है। कहीं कोई विधि-व्यवस्था की गंभीर समस्या नहीं उत्पन्न हुई। कुल 11 कांड दर्ज किए गए। इन घटनाओं में 14 लोग जख्मी हुए हैं। किसी की मौत नहीं हुई है। 29 व्यक्ति को अबी तक गिरफ्तार किया गया है। 4 को हिरासत में रखा गया है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पुलिस पर हमले की 12 घटनाएं हुईं&comma; दो दारोगा शहीद-<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>एडीजी ने कहा कि पुलिस पर हमले की 12 घटनाएं हुई। इन घटनाओं में दो दारोगा शहीद हो गए हैं और 27 पुलिसकर्मी जख्मी हो गए हैं। शहीद पुलिस कर्मियों के परिजनों को अनुग्रह राशि जल्द ही प्रदान कर दी जाएगी। साथ ही शहीद पुलिस वालों को मिलने वाली सभी सहूलियतें भी ससमय मुहैया करा दी जाएंगी। इसकी प्रक्रिया चल रही है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>दो दिनों में डायल 112 पर आए 1&period;24 लाख कॉल-<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>होली के दौरान पुलिस पूरी मुस्तैदी से अपनी ड्यूटी कर रही थी। इस दौरान दो दिनों 14 एवं 15 मार्च को डायल-112 यानी ईआरएसएस &lpar;इमर्जेंसी रिस्पांस स्पोर्ट सिस्टम&rpar; पर 1 लाख 24 हजार 39 कॉल आए। 22 हजार 894 घटनाओं में पुलिस मौके पर पहुंची और इसे हल किया। इन दो दिनों में कॉल आने के बाद पुलिस के मौके पर पहुंचने का औसतम समय साढ़े 14 मिनट रहा। 14 मार्च को पुलिस को डायल-112 पर 67 हजार 188 कॉल आए और 13 हजार 150 मौकों पर पुलिस पहुंची। जबकि&comma; 15 मार्च को 56 हजार 851 कॉल आए और 9744 मौकों पर पुलिस पहुंची।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>रामनवमी पर रहेगी खास चौकसी-<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>एडीजी &lpar;मुख्यालय&rpar; ने कहा कि आगामी रामनवमी पर भी विशेष चौकसी रहेगी। धर्म के नाम पर किसी तरह के हुड़दंग या डीजे या अश्लील गीत या डांस पर सख्त पाबंदी रहेगी। अगर इस तरह की कहीं कोई घटना सामने आती है&comma; तो संबंधित दोषियों पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>बढ़ाई जाएगी डायल-112 की क्षमता-<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>एडीजी कुंदन कृष्ण ने कहा कि डायल-112 की उपयोगिता और इसके कार्य कुशलता को देखते हुए इसकी क्षमता जल्द बढ़ाई जाएगी। अभी एक डायल-112 गश्ती वाहन पर 1-4 यानी एक दारोगा या जमादार और 4 सिपाही का दल गश्ती करता है। इसे बढ़ाकर 1-8 या 10 करने की तैयारी है। इससे अधिक प्रभावी तरीके से अपराध नियंत्रण हो सकेगा।<&sol;p>&NewLine;

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