जिले के सभी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर हुआ निक्षय दिवस आयोजित

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">अररिया&lpar;रंजीत ठाकुर&rpar;&colon;<&sol;mark><&sol;strong> राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत सोमवार को जिले सभी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर निक्षय दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस क्रम में वेलनेस सेंटर पर कार्यरत सीएचओ द्वारा स्थानीय लोगों को टीबी रोग के कारण&comma; लक्षण&comma; इससे बचाव व उपचार संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी गयी। साथ ही टीबी रोगियों के लिये सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के प्रति उन्हें जागरूक किया गया। गौरतलब है कि टीबी उन्मूलन अभियान को जनआंदोलन का रूप देने के लिये विभागीय स्तर से जरूरी प्रयास किये जा रहे हैं। इसी कड़ी में हर माह निर्धारित तिथि को सभी वेलनेस सेंटरों पर निक्षय दिवस कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>रोग संबंधी लक्षण दिखने पर तुरंत करायें जांच –<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>निक्षय दिवस पर आयोजित स्वास्थ्य कार्यक्रम के दौरान जोकीहाट के गैरकी मसूरिया हेल्थ एंड वेलनेस की सीएचओ जूही खातून ने बताया कि दो सप्ताह से ज्यादा समय तक खांसी होना&comma; खांसी के दौरान कफ के साथ खून आना&comma; लगातार वजन कम होना&comma; भूख ना लगना&comma; रात को पसीना आना टीबी रोग से जुड़े सामान्य लक्षण हैं। इस तरह का कोई लक्षण दिखने पर व्यक्ति को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर अपनी जांच कराना जरूरी होता है। ताकि उनका समुचित इलाज संभव हो सके। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से क्षेत्र भ्रमण के दौरान संभावित टीबी मरीजों को चिह्नित कर उन्हें जांच व इलाज के लिये प्रेरित किया जा रहा है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><br><strong>मरीजों को उपलब्ध करायी जा रही जरूरी सुविधा-<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जिला टीबी समन्वयक दामोदर शर्मा ने बताया कि टीबी उन्मूलन को लेकर विभाग बेहद सक्रिय है। संभावित मरीजों की खोज को लेकर हर स्तर पर जरूरी प्रयास किये जा रहे हैं। टीबी मरीजों की सुविधा को लेकर सरकार द्वारा कई कल्याणकारी योजना संचालित की जा रही है। टीबी मरीजों को हर महीने निक्षय पोषण योजना के तहत 500 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। वहीं सक्षम व्यक्ति&comma; सरकारी व गैर सरकारी संस्थाओं को जरूरतमंद मरीजों को गोद लेने के लिये प्रेरित किया जा रहा है। अब तक 68 निक्षय मित्रों द्वारा कुल 125 मरीजों को गोद लेकर जरूरी पोषण&comma; रोजगार व चिकित्सा संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराये जाने की जानकारी उन्होंने दी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>जन-जागरूकता से टीबी पर प्रभावी नियंत्रण संभव &&num;8211&semi;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सिविल सर्जन डॉ विधानचंद्र सिंह ने बताया कि रोग के संभावित खतरों के प्रति जन-जागरूकता टीबी उन्मूलन संबंधी लक्ष्य की प्राप्ति के लिये जरूरी है। वेलनेस सेंटर पर आयोजित होने वाले निक्षय दिवस इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि टीबी संबंधी जांच में तेजी लाने का निर्देश सभी स्वास्थ्य अधिकारियों को दिया गया है। साथ ही समय पर जरूरी दवाओं की उपलब्धता&comma; पेशेंट फॉलोअप व उपलब्ध सरकारी योजनाओं का लाभ उन्हें उपलब्ध कराने को कहा गया है। इसकी नियमित समीक्षा की जा रही है। ताकि निर्धारित समय सीमा के अंदर टीबी उन्मूलन संबंधी महत्वपूर्ण लक्ष्य को हासिल किया जा सके।<&sol;p>&NewLine;

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