मौत के साए में चल रहा नवाबगंज उपस्वास्थ्य केंद्र, जर्जर भवन में रोज पहुंच रहे 40 मरीज

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>अररिया&comma; रंजीत ठाकुर। <&sol;strong>सरकार एक ओर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का दावा कर रही है&comma; वहीं दूसरी ओर अररिया जिले के नरपतगंज प्रखंड स्थित नवाबगंज प्राथमिक उपस्वास्थ्य केंद्र की हकीकत इन दावों की पोल खोल रही है। वर्षों पुराने जर्जर भवन में रोजाना दर्जनों मरीज अपनी जान जोखिम में डालकर इलाज कराने को विवश हैं। भवन की दीवारों में दरारें&comma; टूटता प्लास्टर और जर्जर छत किसी बड़े हादसे का संकेत दे रहे हैं&comma; लेकिन अब तक न तो भवन के निर्माण की पहल हुई और न ही कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>गुरुवार को भी उपस्वास्थ्य केंद्र में इलाज के लिए पहुंचे दर्जनों मरीजों की जांच डॉ&period; सरफनाज ने की और उन्हें आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराईं। डॉ&period; सरफनाज ने बताया कि इस उपस्वास्थ्य केंद्र में प्रतिदिन 30 से 40 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। सीमित संसाधनों और जर्जर भवन के बावजूद स्वास्थ्य सेवाएं लगातार जारी हैं&comma; लेकिन हर समय किसी अप्रिय घटना की आशंका बनी रहती है। इलाज कराने आए मरीजों और स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में भवन की स्थिति और भी चिंताजनक हो जाती है। छत से पानी टपकता है और कई जगहों पर प्लास्टर झड़ रहा है। इसके बावजूद मजबूरी में मरीज इसी भवन में इलाज कराने पहुंचते हैं&comma; क्योंकि आसपास कोई अन्य सरकारी स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध नहीं है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जर्जर भवन की समस्या से विभागीय अधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया&comma; लेकिन आज तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते नए भवन का निर्माण या सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई&comma; तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता<br &sol;>है। क्षेत्रवासियों ने जिला पदाधिकारी&comma; सिविल सर्जन&comma; स्वास्थ्य विभाग के वरीय अधिकारियों एवं बिहार के स्वास्थ्य मंत्री से तत्काल हस्तक्षेप कर नए भवन के निर्माण&comma; आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता तथा मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र की बदहाली अब केवल एक भवन का मामला नहीं&comma; बल्कि हजारों लोगों के जीवन और स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर प्रश्न बन चुकी है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>निरीक्षण पर निरीक्षण&comma; लेकिन जर्जर भवन की तस्वीर नहीं बदली&colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>स्थानीय लोगों के अनुसार प्रखंड विकास पदाधिकारी&comma; नरपतगंज अजीत कुमार सहित कई वरीय प्रशासनिक एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी समय-समय पर नवाबगंज प्राथमिक उपस्वास्थ्य केंद्र के जर्जर भवन का निरीक्षण कर चुके हैं। निरीक्षण के दौरान भवन की खस्ताहाल स्थिति देखकर शीघ्र कार्रवाई और नए भवन निर्माण का आश्वासन भी दिया गया&comma; लेकिन आज तक धरातल पर कोई ठोस पहल नहीं हो सकी। ग्रामीणों का कहना है कि यदि निरीक्षण के बाद समय पर आवश्यक कदम उठाए गए होते&comma; तो मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों को आज जान जोखिम में डालकर इलाज नहीं कराना पड़ता। लगातार हो रहे निरीक्षणों के बावजूद भवन की स्थिति जस की तस बनी हुई है&comma; जिससे लोगों में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है। क्षेत्रवासियों ने जिला पदाधिकारी&comma; सिविल सर्जन&comma; स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव एवं बिहार के स्वास्थ्य मंत्री से तत्काल हस्तक्षेप कर नए अस्पताल भवन के निर्माण की स्वीकृति देने तथा मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।<&sol;p>&NewLine;

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