भारतीय लोकहित पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री से किया आग्रह

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&comma; अजित।<&sol;strong> भारतीय लोकहित पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरुदेव प्रेम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर देशभर में बढ़ते पर्यावरण असंतुलन&comma; घटते जंगलों&comma; सूखती नदियों और प्रदूषित हवा पर गहरी चिंता जताई है&period; उन्होंने कहा कि नदियों&comma; समुद्र&comma; ग्लेशियर&comma; हवा और रोशनी सहित संपूर्ण पर्यावरण पर समग्र चिंतन और ठोस प्रयास की जरूरत है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>गुरुदेव प्रेम ने प्रधानमंत्री को संबोधित पत्र में लिखा है कि देश ने आपके नेतृत्व में धारा 370 की समाप्ति&comma; सस्ती दवाओं की उपलब्धता&comma; रोजगार सृजन और असंभव मार्गों पर सड़क-रेल निर्माण जैसे ऐतिहासिक कार्य देखे हैं&comma; लेकिन पर्यावरण और शिक्षा के क्षेत्र में अभी भी धरातल पर गंभीर पहल की कमी है&period; उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में हालिया पहाड़ी धंसान&comma; नदियों का सूखना या बाढ़ के रूप में उफान&comma; ग्लेशियरों का पिघलना और बढ़ता समुद्री जलस्तर इस बात का संकेत है कि प्रकृति असंतुलित हो चुकी है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>गुरुदेव प्रेम ने पत्र में लिखा कि &OpenCurlyDoubleQuote;अगर पर्यावरण और शिक्षा के क्षेत्र में जिम्मेदारी ऐसे लोगों को दी जाए जो वास्तव में जमीनी स्तर पर काम कर रहे हैं&comma; तो देश को पर्यावरणीय आपदाओं से बचाया जा सकता है&period;” उन्होंने कहा कि &OpenCurlyDoubleQuote;मैंने 2014 में भी पत्र लिखकर आग्रह किया था कि मुझे तीन वर्षों के लिए जिम्मेदारी दी जाए&comma; मैं भारत को हरित और पर्यावरण-सुरक्षित भारत बना दूँगा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>उन्होंने बताया कि संसाधनों की कमी के बावजूद उन्होंने अपने स्तर से लाखों पौधों को रोपकर वृक्ष में परिणत किया है&period; बिहार और देश में जंगलों का प्रतिशत चिंताजनक रूप से कम है — बिहार में मात्र 7 प्रतिशत&comma; देश में 22 प्रतिशत&comma; जबकि विश्व में 33 प्रतिशत क्षेत्र जंगलों से आच्छादित है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>गुरुदेव प्रेम ने कहा कि भ्रष्टाचार के मामले में भारत का 38वां स्थान होना भी गंभीर चिंता का विषय है&comma; और यह पर्यावरणीय योजनाओं के क्रियान्वयन में बाधा बनता है&period; उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और जमीनी कार्यकर्ताओं को इसका दायित्व सौंपा जाए। उन्होंने अपने पत्र की प्रति मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी भेजी है&comma; ताकि राज्य स्तर पर भी इस दिशा में ठोस पहल की जा सके।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>पत्र के अंत में गुरुदेव प्रेम ने प्रधानमंत्री के स्वास्थ्य&comma; दीर्घायु और 2025 के चुनाव में एनडीए की जीत की कामना करते हुए कहा कि बिहार हित में वैश्य&comma; व्यापारी और कारोबारी समाज को भरोसा दिलाया जाना आवश्यक है।<&sol;p>&NewLine;

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