राष्ट्रीय पोषण माह 2024 : एम्स पटना की पहल

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; अजित &colon;<&sol;strong> अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान &lpar;एम्स&rpar;&comma; पटना के आहार विभाग ने राष्ट्रीय पोषण माह के दौरान विभिन्न गतिविधियों का आयोजन कर संतुलित आहार लेने के पति लोगों को जागरूक किया&period;इनमें न्यूट्रिशन क्रॉसवर्ड पज़ल और तीन दिवसीय पोषण शिविर शामिल थे&comma; जिसमें अस्पताल के कर्मचारियों के लिए बॉडी कंपोजिशन एनालिसिस और हैंड ग्रिप स्ट्रेंथ पर ध्यान केंद्रित किया गया&period; शिविर में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को उनके विश्लेषण के आधार पर आहार संबंधी परामर्श दिया गया&period;प्रो&period; &lpar;डॉ&period;&rpar; जी&period;के&period; पाल ने संतुलित आहार के महत्व पर जोर दिया&comma; जबकि अन्य अतिथियों ने स्वास्थ्य और पोषण पर अपने विचार व्यक्त करते हुए पोषण विभाग की सराहना की&period; कार्यक्रम में पोषण क्रॉसवर्ड पहेली के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक डॉ जी के पाल ने बताया कि इस वर्ष का विषय &&num;8220&semi;सुपोषित किशोरी सशक्त नारी&&num;8221&semi; है&comma; जिसका उद्देश्य लोगों में पोषण और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाना और एक संतुलित आहार के महत्व को समझाना है&period; उन्होंने बताया की एम्स पटना के आहार विशेषज्ञों ने फुलवारी शरीफ प्रखंड नौसा-२&comma; बोचाचक और नौसा-१ में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता&comma; गर्भवती और धात्री महिलाओं&comma; किशोरियों और बच्चों की स्वस्थता के बारे में जागरूक किया&period; साथ ही विभिन्न ओपीडी में मरीजों को पौष्टिक भोजन के महत्व के बारे में शिक्षित करने के लिए ओपीडी टॉक का आयोजन किया गया&period;<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इसके आलावा पोषण विभाग ने &&num;8220&semi;सार्वजनिक स्वास्थ्य में पोषण के महत्व&&num;8221&semi; पर एक सतत चिकित्सा शिक्षा &lpar;सीएमई&rpar; कार्यक्रम आयोजित किया&period; प्रो&period; &lpar;डॉ&period;&rpar; प्रेम कुमार &lpar;डीन एकेडमिक&comma; एम्स पटना&rpar;&comma; प्रो&period; &lpar;डॉ&period;&rpar; अनूप कुमार &lpar;चिकित्सा अधीक्षक&comma; एम्स पटना&rpar;&comma; नीलोत्पल बल &lpar;उप निदेशक प्रशासन&comma; एम्स पटना&rpar;&comma; और आयोजन सचिव डॉ&period; संगम झा &lpar;डीएमएस-आहार सेवाएं&comma; एम्स पटना&rpar; ने भी अपने विचार व्यक्त किए&period;<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>तकनीकी सत्र में डॉ&period; मनोज कुमार &lpar;राज्य सलाहकार&comma; स्वास्थ्य एवं पोषण&comma; आईसीडीएस निदेशालय&rpar; और डॉ&period; अनिला सैमुअल &lpar;कार्यक्रम प्रबंधक&comma; परिवार नियोजन&comma; प्रोजेक्ट कंसर्न इंटरनेशनल&rpar; ने मातृ और बाल पोषण पर चर्चा की&period; इसके बाद&comma; पैनल चर्चा में डॉ&period; शिवानी डार &lpar;पोषण अधिकारी&comma; यूनिसेफ&rpar; और डॉ&period; पल्लवी श्रेष्ठा &lpar;आहार विशेषज्ञ&comma; सहयोग अस्पताल&rpar; ने कुपोषण की पहचान&comma; प्रबंधन और गर्भवती व स्तनपान कराने वाली महिलाओं के पोषण पर अपने विचार साझा किए&period;<&sol;p>&NewLine;

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