राष्ट्रीय डेंगू दिवस- डेंगू का लार्वा गंदे नहीं बल्कि साफ पानी में है पनपता

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">पूर्णिया&lpar;न्यूज क्राइम 24&rpar;&colon;<&sol;mark><&sol;strong> पूरे विश्व में डेंगू एक गंभीर बीमारी के रूप में उभरा हुआ है। प्रत्येक वर्ष इस घातक बीमारी की वजह से लाखों लोग अपनी जान गंवा देते हैं। वहीं हमारे देश में भी हर साल बड़ी संख्या में लोग इस बीमारी की चपेट में आ जाते हैं। क्योंकि डेंगू एक जानलेवा बीमारी है। जो आपके घर के अंदर ही आपको अपना शिकार बना सकता है। डेंगू जैसी बीमारी से प्रत्येक वर्ष लाखों लोग पीड़ित होते हैं। ऐसे में जरूरी है कि खुद और अपने परिवार को इस बीमारी से बचाने के लिए हरसंभव सावधानियां बरती जाए। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>डेंगू के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से प्रत्येक वर्ष 16 मई को राष्ट्रीय डेंगू दिवस मनाया जाता है। हालांकि जिले में फ़िलहाल एक भी डेंगू के मरीज नहीं हैं। लेकिन सभी स्वास्थ्य केंद्रों में अलग से डेंगू वार्ड बनाकर रखा जाता है। ताकि मरीजों को किसी प्रकार से कोई दिक्कत नहीं हो। जिसको लेकर जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यालय के सभागार में डेंगू दिवस पर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण सलाहकार सोनिया मंडल ने की। इस अवसर पर बीएचडब्ल्यू अजय कुमार&comma; एलटी राजेन्द्र कुमार&comma; सहायक मणिमाला एवं शंभु कुमार के अलावा कई अन्य कर्मी उपस्थित थे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>&&num;8220&semi;डेंगू को हराने के लिए साझेदारी का उपयोग करें&&num;8221&semi; थीम पर जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में चलाया गया जागरूकता अभियान&colon; डीएमओ<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><br>जिला वेक्टर बॉर्न पदाधिकारी डॉ आरपी मंडल ने बताया कि इस वर्ष राष्ट्रीय डेंगू दिवस का थीम &&num;8220&semi;डेंगू को हराने के लिए साझेदारी का उपयोग करें&&num;8221&semi; रखा गया है। उन्होंने कहा डेंगू की बीमारी एडीज मच्छर के काटने से होती है। इसमें मरीज के शरीर में प्लेटलेट्स तेजी से कम होने लगते हैं। अगर प्लेटलेट्स बेहद कम हो जाए तो इससे मरीज की मौत भी हो जाती है। डेंगू के मामले मानसून के शूरू होने के बाद से ही सामने आने लगते हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p> दरअसल&comma; डेंगू का लार्वा रुके हुए 7 दिन या उससे अधिक ठहरे हुए साफ पानी में ही पनपता है। ऐसी सूरत में लापरवाही बरतने पर डेंगू फैलने की आशंका काफ़ी बढ़ जाती है। डेंगू एक फ्लू जैसी बीमारी है जो डेंगू वायरस के कारण होती है। डेंगू वायरस मच्छर के दिन में काटने से फैलता है। डेंगू बुखार एडीज एजिप्टी मच्छर जनित वायरल संक्रमण है&comma; जो जल्दी किसी भी व्यक्ति खास कर बच्चों में बहुत ही जल्दी फैलता है। इसकी रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाना पड़ता है। जिससे काफ़ी हद तक इसके प्रसार को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>डेंगू बुख़ार की शुरुआत बरसात के समय में होने से बचाव जरूरी&colon; डीवीबीडीसी<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><br>जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण सलाहकार सोनिया मंडल<br>ने बताया कि स्थानीय कार्यालय के सभागार में जिला स्तरीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसके अलावा जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में जागरूकता अभियान चलाया गया है। ताकि अधिक से अधिक लोगों तक इसकी जानकारी मिले। उन्होंने कहा कि गर्मी का मौसम आते ही मच्‍छरों का प्रकोप भी बढ़ जाता है। वहीं मॉनसून के मौसम में तो मच्‍छरों की संख्‍या बहुत ज्‍यादा हो जाती है। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जगह- जगह गड्ढों में पानी भरने और गंदगी के कारण तेजी के साथ मच्छर पनपते हैं। मच्‍छरों के कारण डेंगू&comma; मलेरिया और चिकनगुनिया सहित कई बीमारियों की संभावना बढ़ जाती है। डेंगू मादा एडीज मच्छर के काटने की वजह से होता है। यह गंदे नहीं बल्कि साफ पानी में पनपता है। बारिश के मौसम में डेंगू के मामले काफी तेजी से बढ़ जाते हैं। जिस कारण डेंगू के दौरान व्‍यक्ति के शरीर में प्‍लेटलेट्स गिरने लगते हैं। अगर स्थिति को समय रहते कंट्रोल नही किया गया तो मरीज की हालत काफी गंभीर हो सकती है।<&sol;p>&NewLine;

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