राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम : विभिन्न रोग से ग्रसित 18 साल तक के बच्चों का होता है नि:शुल्क इलाज

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">अररिया&comma; रंजीत ठाकुर।<&sol;mark><&sol;strong> राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत विभिन्न रोग से ग्रसित 0 से 18 साल तक के बच्चों की नि&colon;शुल्क जांच व इलाज का प्रावधान है। योजना के तहत बच्चों में होने वाले कुल 38 तरह के रोगों का नि&colon;शुल्क इलाज किया जाता है। इसमें चर्मरोग&comma; दांत व आंख संबंधी रोग&comma; टीबी&comma; एनीमिया&comma; हृदय संबंधी रोग&comma; श्वसन संबंधी रोग&comma; जन्मजात विकलांगता&comma; बच्चे के कटे होंठ व तालू संबंधी रोग शामिल हैं। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>योजना के माध्यम से हृदय में जन्मजात छेद सहित अन्य हृदय संबंधी रोगों का इलाज बेहद आसान हो चुका है। अब तक जिले के दर्जनों बच्चे इस योजना से लाभान्वित होकर स्वस्थ व सेहतमंद जिंदगी बसर कर रहे हैं। जिले में हृदय रोग से ग्रसित बच्चों की जांच व समुचित इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य स्वास्थ्य समिति द्वारा आगामी 06 जनवरी24 को आईजीआईएमएस पटना में विशेष कैंप आयोजित किया जा रहा है। रोगग्रस्त अधिक से अधिक बच्चों को इसका लाभ उपलब्ध कराने के लिये विभागीय स्तर से जिले में जरूरी पहल की जा रही है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>हृदय रोगी बच्चों की जांच के लिये 06 जनवरी को पटना में लगेगा विशेष कैंप &&num;8211&semi;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के जिला समन्वयक डॉ तारिक जमाल ने बताया कि आगामी 06 जनवरी 24 को आईजीआईएमएस पटना में आयोजित विशेष कैंप में जिले में बाल हृदय रोग से ग्रसित अधिक से अधिक बच्चों को जरूरी इलाज के लिये भेजने का विभागीय निर्देश प्राप्त है। इसे लेकर जिले के सभी प्रखंडों में कार्यरत चलंत चिकित्सा दल को संबंधित प्रखंड में बाल हृदय रोग से ग्रसित बच्चों की सूची यथाशीघ्र जिला स्वास्थ्य समिति को उपलब्ध कराने के लिये निर्देशित किया गया है। ताकि ससमय बीमार बच्चों की सूची राज्य कार्यालय को उपलब्ध करायी जा सके। साथ ही अधिक से अधिक बच्चों को इसका लाभ उपलब्ध कराया जा सके।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>योजना के तहत बच्चों के नि&colon;शुल्क जांच व इलाज का प्रावधान-<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीएम संतोष कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत संचालित मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना के तहत हृदय रोग से ग्रसित ग्रसित बच्चों के नि&colon;शुल्क इलाज का प्रावधान है। इसे लेकर आरबीएसके की टीम द्वारा बीमार बच्चों को पहले चिह्नित किया जाता है। चिह्नित बच्चों की सूची वरीय संस्थान को भेजा जाता है। वहां काउंसिलिंग के बाद बीमार बच्चों को जरूरी इलाज के लिये बेहतर चिकित्सा संस्थान भेजा जाता है। इलाज पर आने वाले सारे खर्च के साथ आने-जाने में होने वाला परिवहन खर्च भी सरकार द्वारा वहन किया जाता है। यहां तक की जरूरी जांच व अन्य किसी कारणों से दोबारा बुलाये जाने पर आने वाला खर्च भी सरकार देती है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>शिविर में माध्यम से रोगग्रस्त बच्चों को किया जाता है चिह्नित<&sol;strong> <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सिविल सर्जन डॉ विधानचंद्र सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम सरकार के महत्वपूर्ण स्वास्थ्य योजनाओं में शुमार है। रोगग्रस्त बच्चों को चिह्नित करने के लिये आरबीएसके की टीम द्वारा पहले बच्चों का जरूरी स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है। इसके लिये 0 से 6 साल तक के बच्चों में रोग का पता लगाने के लिये आंगनबाड़ी स्तर पर व 6 से 18 साल तक के बच्चों में रोग का पता लगाने के लिये विद्यालय स्तर पर स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित नियमित अंतराल पर किया जाता है।<&sol;p>&NewLine;

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