बिहार राज्य बार काउंसिल के खिलाफ आंदोलन, पांच सूत्री मांगों को रखा

&NewLine;<p><strong>पटना&lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;&colon;<&sol;strong> पटना में बुधवार को  बिहार राज्य बार काउंसिल के अध्यक्ष एवं सभी  सदस्यों के खिलाफ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस शहनाज फातमा के नेतृत्व में किया गया&period; बिहार के समस्त अधिवक्ताओं की ओर से शहनाज फातमा ने बिहार राज्य बार काउन्सिल के खिलाफ आंदोलन छेड दिया है&period; इन्होने प्रेस वार्ता में बिहार के सभी अधिवक्ताओं के लिए कुल पांच सुत्री माँगे राज्य बार काउन्सिल से की है जो एक महीने के अंदर किया जाना चाहिए तथा अधिवक्ताओं के आक्रोश को देखते हुए सदस्यों से इस्तीफा की माँग एवं फ्रेश चुनाव कराने की मांग की जायेगी&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>इनकी मांगे इस तरह है-<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>1&period; 2006 से अब तक का ऑडिट की माँग एक माह में कराया जाय&period;<br &sol;>2&period; सभी मृतक अधिवक्ताओं के डेथ क्लेम मेडिक्लेम का भुगतान करने की मांग करते&period;<br &sol;>3 पटना &comma; आरा &comma; भागलपुर &comma; नवादा &comma; गया &comma; बगहा भोजपुर आदि जहाँ-जहाँ तदर्थ समिति है वहाँ पर फ्रेश चुनाव का आदेश की माँग करते हैं&period;<br &sol;>4&period; लॉकडाउन एवं कोरोना से प्रभावित सभी अधिवक्ताओं को बिना भेद-भाव एवं जात-पात किए एक समान सहायता राशि काउन्सिल द्वारा दिया जाए&period;<br &sol;>5&period; मेडिक्लेम एक लाख से बढ़ाकर 2 लाख तथा डेथक्लेम पाँच लाख से बढ़ाकर पन्द्रह लाख रूपया किया जाए&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस माँगो का समर्थना जिला विधिक संघ&comma; पटना के सभी अधिवक्ताओं में डॉ०ए०एस० राजू&comma;&nbsp&semi; राजकुमार सिंह &comma; श्री उदयशंकर &comma; सी ० वी ० वर्मा&comma; श्री विनोद कुमार&comma; अंजुम बारी&comma; नदीम अख्तर&comma; सैयद बाबर हायात कादरी&comma; आर्या जी&comma; रामदेव पासवान&comma; मो० शाहिद अख्तर&comma; शिवनंद गिरी&comma; अरविन्द कुमार&comma; जितेन्द्र कुमार&comma; नदीम अकरम&comma; संजय कुमार&comma; रमेश कुमार&comma; कुमारी ज्योति&comma; रवेका कुमारी इत्यादि ने शहनाज फातमा &comma; सदस्या बिहार स्टेट बार काउन्सिल के मांगों का पुरजोर समर्थन किया है एवं साथ ही साथ सभी अधिवक्ताओं ने यह भी कहा कि यदि उपरोक्त माँगों को नहीं माना गया और एक माह के अंदर पूरा नहीं किया गया तो अपनी माँगो के समर्थन पूरे बिहार के अधिवक्ता एकजुट होकर बार काउन्सिल के इस्तीफा की माँग करेगें।<&sol;p>&NewLine;

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