लौटने लगे प्रवासी, लाॅकडाउन की चर्चा से मचा है हड़कंप

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>रांची&lpar;न्यूज़ साभार&rpar;&colon; <&sol;strong>कोरोना की तीसरी लहर के बीच लॉकडाउन की सुगबुगाहट से प्रवासी लोगों में एक बार फिर से हड़कंप मचा है।सभी लोग लॉकडाउन की घोषणा से पहले ही अपने घर लौटने की तैयारी में हैं।रेलवे स्टेशन के बाहर डेरा जमाए हुए हैं। ऐसा ही नजारा मुंबई के लोकमान्य तिलक रेलवे स्टेशन के बाहर दिखने लगा है&period; दरअसल मुंबई के इसी टर्मिनल से उत्तर प्रदेश और बिहार जाने वाली ज्यादातर ट्रेनें रवाना होती हैं। मुंबई के प्रवासियों में बड़ी संख्या इन्ही राज्यों के लोगों की हैं&period; सबकी कोशिश यही है कि कैसे भी हो लॉकडाउन की घोषणा से पहले ही सभी अपने घर वापस लौट जाएं।दरअसल कोरोना की पहली लहर में अचानक हुए लॉकडाउन के बाद बड़े शहरों से घर लौटने वाले प्रवासियों की दिल दहला देने वाली तस्वीरें अभी भी किसी ने नहीं भूली होगी&period; जो लोग पहले ही लॉकडाउन के बाद परेशानी उठा चुके हैं&comma; वे अब किसी भी हाल में समय रहते अपने घर वापस लौटना चाह रहे हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>भूख-प्यास नहीं बस घर जाने की फिक्र गुरुवार की रात 9 बजे से लोकमान्य तिलक स्टेशन पर भीड़ बढ़ने का सिलसिला शुरू हुआ जो अब तक जारी है&period; ज्यादातर की ट्रेन सुबह 5&period;25 बजे या उसके बाद थी मगर पहले लॉकडाउन की भयावह स्थिति को देखते हुए हुए लोग रात को ही स्टेशन पहुंच गए हालांकि&comma; पुलिस ने स्टेशन के अंदर जाने से रोक दिया&period; ऐसे में सभी मजदूर स्टेशन के सामने ही बैठ गए&period; किसी को अपने भूख प्यास नहीं&comma; बस चिंता थी कि कैसे अपने घर वापस लौट जाएं&period;सुबह में स्टेशन पर कराई गई इंट्री लॉकडाउन के डर और घर जाने की चिंता के बीच सुबह करीब 4&period;15 बजे सबको प्लेटफार्म पर जाने की इजाजत मिली&period; लोग अंदर पहुंचते ही जनरल डिब्बे ढूंढे हुए भागने लगे।दरअसल अधिकतर मजदूरों के पास टिकट नहीं था।कई लोग बगैर टिकट ही ट्रेन में सवार हो गए।<&sol;p>&NewLine;

Advertisements

Related posts

अधिकारों की रक्षा के लिए संकल्पित है।मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन

वार्षिक सम्मेलन मे शामिल हुए : अनूप भाई

झारखंड के दिशोम गुरु ‘शिबू सोरेन’ नहीं रहे, बेटे हेमंत सोरेन बोले – “आज मैं शून्य हो गया हूं”