एनएमसीएच में नेत्रदान और अंगदान को लेकर जागरूकता कार्यक्रम, रैली व नुक्कड़ नाटक के जरिए दिया संदेश

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24<&sol;strong>&rpar; अंगदान एवं नेत्रदान दिवस के अवसर पर नालंदा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल &lpar;एनएमसीएच&rpar; के नेत्र विभाग स्थित आई बैंक में नेत्रदान एवं अंगदान के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विशेष जागरूकता कार्यक्रम सह सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में चिकित्सकों&comma; मेडिकल एवं पैरामेडिकल छात्रों&comma; नर्सिंग कर्मियों तथा मरीजों के परिजनों ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत नेत्रदान एवं अंगदान के महत्व को लेकर जागरूकता रैली से हुई।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>रैली का नेतृत्व एनएमसीएच की प्राचार्या डॉ&period; उषा कुमारी&comma; अधीक्षक डॉ&period; राजीव रंजन प्रसाद&comma; नेत्र विभागाध्यक्ष डॉ&period; सचिन कुमार तथा आई बैंक के नोडल ऑफिसर डॉ&period; अभिषेक रंजन ने किया। रैली के माध्यम से लोगों को मृत्यु के बाद नेत्रदान एवं अंगदान के लिए प्रेरित किया गया। इसके बाद पैरामेडिकल छात्रों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से नेत्रदान के महत्व और इससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने का संदेश दिया। प्रस्तुति के बाद उपस्थित लोगों को नेत्रदान की शपथ लेने के लिए भी प्रेरित किया गया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यक्रम के मुख्य भाग के रूप में आयोजित सेमिनार में गोविंद कनोडिया एवं रोटरी क्लब पटना के पूर्व अध्यक्ष रवि शंकर प्रीत विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। आई बैंक के नोडल ऑफिसर डॉ&period; अभिषेक रंजन ने कॉर्नियल ब्लाइंडनेस को समाप्त करने में नेत्रदान और आई बैंक की भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने आई बैंक की तकनीकी क्षमता और नेत्रदान के बाद कॉर्निया के सुरक्षित संरक्षण एवं उपयोग की प्रक्रिया के महत्व पर भी प्रकाश डाला।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>एनएमसीएच की प्राचार्या डॉ&period; उषा कुमारी और अधीक्षक डॉ&period; राजीव रंजन प्रसाद ने आई बैंक की ओर से चलाए जा रहे जागरूकता अभियान की सराहना की। अतिथियों ने समाज में नेत्रदान एवं अंगदान को लेकर मौजूद विभिन्न भ्रांतियों को दूर करने और अधिक से अधिक लोगों को इसके लिए जागरूक करने की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि मृत्यु के बाद किया गया नेत्रदान किसी नेत्रहीन व्यक्ति के जीवन में रोशनी ला सकता है। इसलिए लोगों को नेत्रदान और अंगदान के महत्व को समझते हुए इससे जुड़ी गलत धारणाओं को दूर करने की जरूरत है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सेमिनार के अंत में नेत्र विभागाध्यक्ष डॉ&period; सचिन कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इस अवसर पर नेत्र विभाग के डॉ&period; विवेक प्रसाद&comma; डॉ&period; अतुल कुमार आनंद&comma; डॉ&period; चंद्रशेखर पांडेय सहित सभी सीनियर रेजिडेंट&comma; पीजी छात्राएं&comma; नर्सिंग कर्मी&comma; पैरामेडिकल छात्र एवं मरीजों के परिजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से एनएमसीएच ने समाज में नेत्रदान एवं अंगदान को लेकर जागरूकता बढ़ाने और अधिक से अधिक लोगों को इस मानवीय पहल से जोड़ने का संदेश दिया।<&sol;p>&NewLine;

Related posts

लंबित कांडों के बेहतर निष्पादन पर पुलिस पदाधिकारी सम्मानित, नगर पुलिस अधीक्षक ने दिया प्रशस्ति-पत्र

प्रधानमंत्री मोदी ने देश के विकास के लिए नवाचार, अनुसंधान और उभरती प्रौद्योगिकियों के महत्व पर जोर दिया

बिहार : मानव तस्करी पर जीरो टॉलरेंस : सीएम सम्राट चौधरी