शेखपुरा में प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण को लेकर बैठक, समुदाय की भागीदारी पर जोर

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>शेखपुरा&comma;  à¤‰à¤®à¥‡à¤¶ कुमार &colon;<&sol;strong> शेखर आनंद&comma; जिला पदाधिकारी&comma; शेखपुरा की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित मंथन सभागार में जिले की प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण एवं उनके डिजिटल स्वरूप में सुरक्षित करने &lpar;डिजिटाइजेशन&rpar; को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य शेखपुरा जिले के गौरवशाली इतिहास और दुर्लभ दस्तावेजों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से भविष्य के लिए सुरक्षित करना है। बैठक में जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जिले के विभिन्न धार्मिक&comma; शैक्षणिक और निजी संस्थानों में दबी पड़ी दुर्लभ पांडुलिपियों को सहेजना वर्तमान समय की आवश्यकता है। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जिला प्रशासन ने इस अभियान को व्यापक बनाने के लिए समुदाय की भागीदारी पर जोर दिया है। इसके तहत एक विशेष आमंत्रण जारी किया गया है। इस दौरान जिला पदाधिकारी महोदय ने कहा कि &&num;8220&semi;यदि किसी भी व्यक्ति&comma; पुराने विद्यालय&comma; महाविद्यालय&comma; मठ-मंदिर&comma; मस्जिद- मजार या निजी संग्राहक के पास प्राचीन पांडुलिपियां&comma; ऐतिहासिक दस्तावेज या दुर्लभ पुस्तकें उपलब्ध हैं और वे इनके संरक्षण या डिजिटाइजेशन में रुचि रखते हैं&comma; तो वे जिला प्रशासन से संपर्क कर सकते हैं।बैठक में उप विकास आयुक्त&comma; अपर समाहर्ता -सह- भू-अर्जन- पदाधिकारी&comma; निदेशक डी&period;आर&period;डी&period;ए&period;&comma; जिला खेल पदाधिकारी सहित विभिन्न विद्यालयों&comma; बड़ी संख्या में मीडिया बंधुगण&comma; महाविद्यालयों&comma; मठों&comma; मंदिरों&comma; मस्जिदों&comma; मजार शरीफों&comma; इबादतखानों और पुस्तकालयों के सदस्य एवं प्रतिनिधि उपस्थित थे।<&sol;p>&NewLine;

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