पुरुष नसबंदी सिर्फ एक घंटे की है प्रक्रिया – सिविल सर्जन

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><br><strong>पटना&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;<&sol;strong> जिले में स्वास्थ्य सेवाओं तथा परिवार नियोजन सेवाओं के सुदृढ़ीकरण पर बैठक सह उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया&period; कार्यशाला में जिले के 13 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों ने भाग लिया&period; बैठक में 5 हाई इम्पैक्ट एप्रोच के बारे में विस्तार से चर्चा किया गया&period; बैठक सह कार्यशाला में मुख्य अतिथि डॉ&period; मिथिलेश कुमार&comma; सिविल सर्जन&comma; पटना&comma; वार्ड संख्या 34 के वार्ड पार्षद कुमार संजीव&comma; पियूष रंजन&comma; क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रबंधक&comma; स्वास्थ्य सेवाएं&comma; विश्व स्वास्थ्य संगठन के डॉ&period; संजीव सहित शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के अधिकारीयों ने भाग लिया&period; बैठक में पीएसआई इंडिया की टीम के अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे&period; कार्यशाला में वार्ड पार्षद एवं सिविल सर्जन ने कंकड़बाग शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में वार्ड पार्षद के सहयोग से नवनिर्मित शौचालय का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया&period;<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पुरुष नसबंदी बनाम महिला बंध्याकरण में &OpenCurlyDoubleQuote;1 दिन बनाम 30 दिन” का है अंतर&colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><br>बैठक को संबोधित करते हुए डॉ&period; मिथिलेश कुमार&comma; सिविल सर्जन&comma; पटना ने कहा कि महिला बंध्याकरण की तुलना में पुरुष नसबंदी कहीं ज्यादा सरल और सुविधाजनक है&period; उन्होंने &OpenCurlyDoubleQuote;एक दिन बनाम 30 दिन” स्लोगन की चर्चा करते हुए कहा कि पुरुष नसबंदी कुछ घंटों की प्रक्रिया है और उसके बाद पुरुष आराम से अपनी दिनचर्या में वापस लौट जाता है&period; वहीँ महिला बंध्याकरण में महिला को पूरी तरह पहले की तरह स्वस्थ होने में करीब एक महीने का समय लगता है&period; उन्होंने उपस्थित चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को कहा कि पुरुष नसबंदी को बढ़ावा देने के लिए सामूहिक प्रयास की जरुरत है&period;<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>बैठक में पियूष रंजन&comma; क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रबंधक ने कहा कि परिवार नियोजन सेवाओं के बेहतर संचालन के लिए काउंसिलिंग एवं फॉलो अप की अहम् भूमिका होती है&period; उन्होंने रेफ़रल केसेस के फॉलो अप की महत्ता पर भी चर्चा की&period; कुमार संजीव&comma; वार्ड पार्षद ने कहा कि सामाजिक एवं जनहित के कार्यों के लिए धन की कमी नहीं होनी चाहिए और इसमें सभी को आगे आकर सहयोग करना चाहिए&period;<br>बैठक सह कार्यशाला स्वास्थ्यकर्मियों का क्षमतावार्धन करने की उद्देश्य से किया गया&period; सभी चिकित्सा पदाधिकारी मास्टर कोच की भूमिका में कर्मचारियों को उनकी विशिष्ट विभागीय चुनौतियों के लिए सर्वोत्तम समाधान निकलने के बारे में सलाह और मार्गदर्शन पर चर्चा की&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p> मौजूदा बुनियादी ढांचे का विश्लेषण करना और प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने और दक्षता बनाने में मदद करने के लिए सुधार लागू करना एवं परिवार नियोजन सेवाओं को हाई इम्पैक्ट इंटरवेंशन के द्वारा बेहतर तरीके से संपादित करने पर बल दिया गया&period; कार्यशाला में शामिल प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों द्वारा परिवार नियोजन की सेवाओं को बेहतर तरीके से संपादित करने के लिए आंकड़ों का सही संवर्धन एवं स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के क्षमतावर्धन पर बल दिया गया&period; उन्होंने ग्रुप कार्य के माध्यम से सुविधाओं के सशक्तिकरण की प्रस्तुति दी&period;<&sol;p>&NewLine;

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