महिला संवाद धीरे-धीरे अपनी लोकप्रियता पाने में सफल होता दिख रहा है

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>अररिया&comma; रंजीत ठाकुर &colon;<&sol;strong> महिला संवाद धीरे-धीरे अपनी लोकप्रियता पाने में सफल होता दिख रहा है। जहां भी महिला संवाद कार्यक्रम होता है वहां महिलाओं की भारी तादाद पहुंच रही है। महिलाएं कार्यक्रम में शामिल होकर वहां दिखाए जाने वाले लघु फिल्म को देखती हैं। जिसमें सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई है। साथ ही&comma; वहां लीफलेट भी वितरण किया जाता है&comma; जिसमें बिहार सरकार की योजनाओं का विस्तार से उल्लेख होता है। वहां उपस्थित महिलाओं को मुख्यमंत्री का संदेश पत्र भी दिया जाता है। जिसमें माननीय मुख्यमंत्री का संदेश छपा है। इसके अलावा कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं से उनकी आकांक्षा भी पूछी जाती है। जिसमें महिलाएं इलाके की तरक्की के लिए कुछ सुझाव देती हैं। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जिसे नोट किया जाता है। आने वाले दिनों में उसपर एक्शन लेकर उचित कार्रवाई की जायेगी। इसलिए महिलाएं अपने इलाके की तरक्की या खुद के किसी काम में आ रहे व्यवधान का जिक्र करती हैं ताकि उसका समाधान यथाशीघ्र हो सके। इन आकाक्षाओं को सक्षम पदाधिकारी तक पहुंचा जा रहा है।<br>अररिया जिले में महिला संवाद के 18वें दिन सोमवार को भी 36 जगहों पर महिला संवाद का आयोजन किया गया। जिसमें करीब 8000 लोगों ने शिरकत की। अब तक महिला संवाद में तकरीबन 1 लाख 40 हजार से अधिक लोगों ने शिरकत की है। यह आयोजन सभी 9 प्रखंडों में किया जा रहा है। जिसमें महिलाएं बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही हैं। महिलाओं ने इस दौरान अपनी आकांक्षाओं का भी खुलकर जिक्र किया। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जिसमें स्वास्थ्य&comma; शिक्षा और रोजगार के अलावा महिलाओं ने बच्चों के खेलने के लिए ग्रामीण स्तर पर खेल मैदान की मांग की। उनका कहना है कि हमारे यहां के बच्चे भी काफी प्रतिभाशाली हैं। उन्हें उचित माहौल नहीं मिल पाता है जिसकी वेजह से वो पिछड़ जाते हैं। ऐसे में अगर खेल मैदान होगा तो उनकी खेल प्रतिभा भी निखर पाएगी। जिससे वो समाज&comma; राज्य और देश का नाम रौशन करेंगे। इसलिए सरकार को इस ओर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है। इसके अलावा कुछ महिलाओं ने मजदूरी की तय न्यूनतम राशि को बढ़ाने की मांग की। उनका कहना है कि आज महंगाई काफी अधिक हो गई है। ऐसे में कम कमाई से घर-परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है। इसलिए मजदूरी की न्यूनतम राशि में बढ़ोतरी जरूरी है। ताकि उन्हें कुछ राहत मिले।<&sol;p>&NewLine;

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