गोल्डन कार्ड नहीं होने पर भी सूचीबद्ध लाभुक उठा सकते हैं योजना का लाभ

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">अररिया&lpar;रंजीत ठाकुर&rpar;&colon; <&sol;mark><&sol;strong>आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थी अब बिना गोल्डन कार्ड के भी सूचीबद्ध अस्पतालों में नि&colon;शुल्क इलाज की सुविधा प्राप्त कर सकते हैं। लाभार्थी जिनका गोल्डन कार्ड अभी तक नहीं बना है और उनका नाम आयुष्मान योजना सूची में दर्ज है&comma; या वैसे लाभार्थी जिन्हें प्रधानमंत्री द्वारा जारी आयुष्मान योजना का पत्र प्राप्त हुआ हो। दोनों ही स्थितियों में सूचीबद्ध अस्पतालों में नि&colon;शुल्क इलाज की सुविधा प्राप्त की जा सकती है। आयुष्मान भारत योजना का लाभ उठाने के लिये लाभार्थियों को इलाजरत अस्पताल में प्रधानमंत्री का पत्र व लाभार्थियों की सूची में दर्ज नाम से जुड़े साक्ष्य प्रस्तुत करने होंगे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>तकनीकी कारणों से बंद है कार्ड निर्माण की प्रकिया<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>प्राप्त जानकारी मुताबिक&comma; बीते कुछ समय से तकनीकी कारणों से जिले में आयुष्मान भारत योजना के तहत गोल्डन कार्ड का निर्माण प्रभावित है। बताया जाता है कि विभागीय सॉफ्टवेयर को अद्यतन किये जाने की प्रक्रिया चल रही है । इसलिये गोल्डन कार्ड निर्माण की प्रक्रिया फिलहाल रुकी हुई है। लेकिन जल्द ही गोल्डन कार्ड निर्माण की प्रक्रिया में तेजी आने वाली है। इसके लिये सदर अस्पताल आयुष्मान मित्र बहाल किये गये हैं। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>वहीं आयुष्मान आपके द्वार कार्यक्रम के तहत योग्य लाभुकों के लिये गोल्डन कार्ड निर्माण की प्रक्रिया को आसान बनाने की कवायद जारी है। आयुष्मान भारत योजना के जिले के प्रभारी कार्यक्रम समन्वयक रंजीत कुमार ने बताया कि अररिया में कुल 18 लाख 40 हजार 695 लाभुकों के गोल्डन कार्ड निर्माण का लक्ष्य है। इसमें 1 लाख 28 हजार 528 गोल्डन कार्ड का निर्माण हो चुका है। गोल्डन कार्ड निर्माण की प्रक्रिया में तेजी लाने के उद्देश्य से सरकार द्वारा अलग एजेंसी हायर किया जा रहा है। ताकि शत प्रतिशत योग्य लाभुकों को योजना का लाभ उपलब्ध कराया जा सके।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>जल्द शुरू होगी कार्ड बनाने की प्रक्रिया<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जिले के प्रभारी डीपीसी रंजीत कुमार ने बताया कि लाभुक&comma; जिनका नाम लाभार्थी सूची में दर्ज है&comma; या फिर उन्हें प्रधानमंत्री द्वारा जारी पत्र प्राप्त हुआ है&comma; वैसे लाभार्थी बिना कार्ड के भी सूची में नाम से संबंधित साक्ष्य व प्रधानमंत्री का पत्र सूचीबद्ध अस्पताल में दिखा कर नि&colon;शुल्क इलाज करवा सकते हैं ।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन का उद्देश्य<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>गौरतलब है कि नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन के तहत देश के डिजिटल स्वास्थ्य सुव्यवस्थित व मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन के अंतर्गत सरकार द्वारा कई ऐसे कदम उठाए जा रहे हैं जिसके माध्यम से स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार संभव हो सके। हेल्थ आईडी कार्ड भी नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन का एक हिस्सा है। जिसके माध्यम से सभी मरीज का स्वास्थ्य संबंधित डाटा इस आईडी कार्ड में डिजिटली स्टोर किया जा सकेगा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन का उद्देश्य<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<ul class&equals;"wp-block-list"><li>स्वास्थ्य सुविधाओं को कुशल बनाना<&sol;li><li>सभी नागरिकों तक स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाना<&sol;li><li>नागरिकों के स्वास्थ्य डेटाबेस को गोपनीय रखना<&sol;li><li>डेटाबेस को समय पर उपलब्ध करवाना<&sol;li><li>हेल्थ केयर सुविधाओं को सुलभ बनाना।<&sol;li><&sol;ul>&NewLine;

Advertisements

Related posts

जिलाधिकारी ने ‘सड़क सुरक्षा माह-2026’ के विजेताओं को मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित

कैदियों को तनाव कम करने एवं खेलकूद से जोड़ने को लेकर क्रिकेट मैच का भी उद्घाटन

जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में जिला अनुकम्पा समिति की बैठक आहूत की गई