आगामी आने वाले दिनों में धुप निकलने की संभावना कम!

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">औरंगाबाद&lpar;प्रमोद कुमार सिंह&rpar;&colon;<&sol;mark><&sol;strong> इस ठंड की मौसम में अभी न्यूनतम तापमान 11&period;5 डिग्री सेल्सियस एवं 2 जनवरी को अधिकतम तापमान 19&period;2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>मौसम पूर्वनुमान के अनुसार आगामी पाँच दिनों का दिनांक 4&comma; 5&comma; 6&comma; 7&comma; &amp&semi; 8 जनवरी 2023 को अधिकतम तापमान 20&comma; 21&comma; 21&comma; 20&comma; &amp&semi; 21 डिग्री सेल्सियस एवं न्यूनतम तापमान 7&period;5&comma; 7&comma; 6&period;5&comma; 6 &amp&semi; 7 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। डॉ अनूप चौबे&comma; कृषि मौसम वैज्ञानिक&comma; कृषि विज्ञान केन्द्र&comma; सिरिस&comma; औरंगाबाद&comma; शीतलहर&comma; कोहरा से आलू&comma; मटर&comma; सरसो एवं सब्जियों को हो सकता है नुकसान।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>धुप नहीं निकलने के कारण पौधों के विकास भी प्रभावित होता हैं। पिछले कुछ दिनों से कोहरे और शीत लहर के चलते फसलों को भी नुकसान और फायदा हैं। गेहूं&comma; जौ&comma; चना और मसूर के लिए जहां यह कोहरा फायदेमंद है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>वहीं मटर&comma; आलू और सरसों के लिए घातक साबित हो रहा है। जिले में बड़ी संख्या में किसान परंपरागत खेती के साथ ही शाकभाजी की खेती भी करते हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>मौसम में बदलाव के चलते जरा सी लापरवाही किसानों के लिए भारी पड़ सकती है। कोहरे से जहां आलू में झुलसा रोग लगने की संभावना रहती है। वहीं फूल और फली वाले फसलों में कोहरे के चलते फंगस जनित बीमारी लगने लगता है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>&lpar;डॉ० अनूप कुमार चौबे&comma; कृषि मौसम वैज्ञानिक&comma; कृषि विज्ञान केन्द्र&comma; सिरिस&comma; औरंगाबाद&rpar;<&sol;p>&NewLine;

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