कायाकल्प की पियर एसेसमेंट टीम ने अस्पतालों का किया निरीक्षण

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">कटिहार&comma; न्यूज क्राइम 24।<&sol;mark><&sol;strong> जिले में सार्वजनिक स्तर पर सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में साफ-सफाई और संक्रमण रोकने के प्रयासों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कायाकल्प योजना की शुरुआत की गई थी। इसके तहत जिले के सरकारी अस्पतालों से लेकर सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों में रख-रखाव व साफ़-सफाई को लेकर विशेष रूप से ध्यान देने के लिए कायाकल्प की पियर एसेसमेंट की दो सदस्यीय टीम ने विभिन्न अस्पतालों का निरीक्षण किया। इस टीम में  भागलपुर के जिला सलाहकार&comma; गुणवत्ता यकीन डॉ प्रशांत कुमार और सदर अस्पताल भागलपुर के अस्पताल प्रबंधक आशुतोष कुमार शामिल हैं। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>उन्होंने अपने पांच दिवसीय दौरे पर कटिहार जिले के विभिन्न अस्पतालों का भ्रमण किया है। जिसमें 28 अगस्त को सदर अस्पताल कटिहार&comma; 29 को सीएचसी प्राणपुर&comma; 30 को सीएचसी मनिहारी&comma; 31 अगस्त को सीएचसी कदवा और 01 सितंबर को सीएचसी फालका का समकक्ष मूल्यांकन &lpar;पियर एसेसमेंट&rpar; टीम ने जायजा लिया है। हालांकि विगत वर्ष यानी वर्ष 2022&sol;23 में जिले के कोढ़ा&comma; फलका&comma; दंडखोरा और आजमनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को स्वास्थ्य विभाग द्वारा राज्य स्तरीय कायाकल्प प्रमाणीकरण मिल चुका है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस टीम के साथ डीसीयूए डॉ किसलय कुमार&comma; डीपीसी मजहर अमीर&comma; पिरामल स्वास्थ्य की ओर से अभिजीत कुमार&comma; निशांत कुमार&comma; अभिकल्प मिश्रा और यूएनएफपीए से बुद्धदेव कुमार मुख्य रूप से शामिल रहे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>अस्पतालों में स्वच्छता&comma; कचरा प्रबंधन और संक्रमण सहित कई कार्यों का मूल्यांकन को लेकर आई टीम ने किया निरीक्षण&colon; सिविल सर्जन<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सिविल सर्जन डॉ जितेंद्र नाथ सिंह ने बताया कि कायाकल्प योजना का मुख्य उद्देश्य यही होता है कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में सभी तरह की स्वास्थ्य सुविधाओं को विशिष्ट मानकों की दिशा में प्रोत्साहित करना&comma; स्वास्थ्य सुविधाएं सहित स्वच्छ और स्वास्थ्यवर्धक बनाना होता है। सामान्य रूप से विभिन्न अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए विभाग द्वारा मुख्य रूप से तीन तरह की सुख सुविधाओं पर फोकस किया गया है। जिसमें स्वच्छता&comma; बायोमेडिकल अपशिष्ट &lpar;कचरा&rpar; प्रबंधन&comma; अस्पताल में संक्रमण और मरीजों के साथ स्वास्थ्य कर्मियों का उत्तम व्यवहार&comma; जिस पर अस्पताल प्रशासन को कार्य करना होता है। जिस कारण मरीजों को भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होती हैं। स्वास्थ्य केंद्रों में समुचित व्यवस्था के साथ लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं दी जाती हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>सुधारात्मक कार्यों से संबंधित विषयों को लेकर पियर असेसमेंट टीम के साथ विस्तारपूर्वक चर्चा&colon; डीसीयूए<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><br>कटिहार के जिला सलाहकार&comma; गुणवत्ता यकीन डॉ किसलय कुमार ने बताया कि कायाकल्प कार्यक्रम से संबंधित सभी तरह के कार्यों को लेकर जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में विभागीय स्तर पर लगातार कार्य किया जाता है। ताकि अस्पताल पहुंच कर इलाज़ कराने वाले मरीजों या अभिभावकों को किसी प्रकार की कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़े। साथ ही सभी स्वास्थ्य संस्थानों में पहले से बेहतर सफ़ाई की व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>अस्पताल में आने वाले मरीज एवं उनके परिजन या अभिभावकों की सुरक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधारात्मक कार्यों से संबंधित विषयों को लेकर पियर एसेसमेंट टीम के साथ विस्तार पूर्वक चर्चा की गई है। क्योंकि मरीजों को उचित प्रबंधन के साथ बेहतर स्वास्थ्य सेवा देने के लिए सरकार द्वारा लाई गई कायाकल्प योजना से न केवल सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधा सुदृढ़ होती है&comma; बल्कि स्वास्थ्य संस्थानों में पूर्व की भांति सकारात्मक बदलाव भी होता है।<&sol;p>&NewLine;

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