जमीनी विवाद में पद के दुरुपयोग के आरोप में कड़ौना थानाध्यक्ष निलंबित

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>जहानाबाद&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar; <&sol;strong>जमीनी विवाद के एक मामले में पद का दुरुपयोग करने और अनुशासनहीन आचरण के आरोप में कड़ौना थानाध्यक्ष को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई विकाश वैभव पुलिस महानिरीक्षक&comma; मगध क्षेत्र&comma; गया के स्तर से की गई है। जानकारी के अनुसार&comma; कड़ौना थानाध्यक्ष पर आरोप है कि उन्होंने जमीनी विवाद के संबंध में दूरभाष के माध्यम से गया जिले के बांकेबाजार थानाध्यक्ष से कथित तौर पर अभद्र एवं अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया और एक पक्ष पर दबाव बनाने का प्रयास किया। साथ ही&comma; अपने पद एवं पुलिस शक्तियों का दुरुपयोग करते हुए मामले में एकपक्षीय हस्तक्षेप करने का भी आरोप है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>बताया गया कि विवादित भूमि के संबंध में न्यायालय में सिविल मुकदमा लंबित है। इसके बावजूद संबंधित पक्ष द्वारा विवादित जमीन पर धान रोपने का आरोप लगाया गया था। इस मामले में बांकेबाजार थानाध्यक्ष ने वरीय पुलिस अधीक्षक&comma; गया को पत्राचार कर उचित कार्रवाई का अनुरोध किया था। इसके बाद वरीय पुलिस अधीक्षक&comma; गया ने कड़ौना थानाध्यक्ष के विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई के लिए पुलिस महानिरीक्षक&comma; मगध क्षेत्र&comma; गया से अनुरोध किया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>पुलिस महानिरीक्षक के स्तर से पूर्व में भी कई अवसरों पर स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि जमीनी विवाद के मामलों में पुलिस पदाधिकारी अपने पद एवं शक्तियों का दुरुपयोग कर किसी एक पक्ष के समर्थन में हस्तक्षेप नहीं करेंगे। ऐसे मामलों में विधिसम्मत एवं निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस महानिरीक्षक&comma; मगध क्षेत्र&comma; गया ने कड़ौना थानाध्यक्ष को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवनयापन भत्ता दिया जाएगा।<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>पुलिस महानिरीक्षक ने स्पष्ट किया है कि जमीनी एवं निजी विवादों में पुलिस पदाधिकारियों को निष्पक्षता और विधिसम्मत कार्रवाई के साथ पद की गरिमा बनाए रखना अनिवार्य है। पद अथवा पुलिस शक्तियों के दुरुपयोग और किसी पक्ष के प्रति अनुचित हस्तक्षेप को किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।<&sol;p>&NewLine;

Related posts

गंगा का जलस्तर बढ़ा, घाटों की सड़कें जलमग्न; एसडीओ कशिश बख्शी ने किया निरीक्षण

जन्माष्टमी उत्सव में राधा-कृष्ण के रूप में सजे बच्चों ने मोहा मन

एस-ड्राइव अभियान में चार एनबीडब्ल्यू वारंटी गिरफ्तार, भेजे गए जेल