जयप्रभा मेदांता हाॅस्पिटल ने अंडाशय कैंसर से पीड़ित महिला को ठीक होने की उम्मीदें जगाईं

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारी शरीफ़&comma; अजित<&sol;strong> &colon; जयप्रभा मेदांता सुपर स्पेशिलिटी हाॅस्पिटल&comma; पटना में अंडाशय के कैंसर से पीड़ित एक महिला का बड़ा ऑपरेशन कर ट्यूमर निकालने के बाद अत्याधुनिक विधि से कीमो देकर उसे बीमारी से उबरने की उम्मीदें जगा दी हैं&period; बिहार में अत्याधुनिक विधि से इस तरह से कीमो देने की सुविधा बहुत कम हाॅस्पिटलों में उपलब्ध है&period; ऑपरेशन करने वाली हाॅस्पिटल की गायनेकोलॉजी एवं गायने ऑन्कोलॉजी विभाग की एसोसिएट डायरेक्टर डाॅ&period; श्वेता राय ने यह जानकारी देते हुए बताया कि इस इलाज को साइटो रिडक्टिव सर्जरी और हाइपेक &lpar;हाइपरथर्मिक इंट्रापेरिटोनिक कीमोथेपी&rpar; के नाम से जाना जाता है&period; उन्होंने कहा कि साधारणतया कीमो दवा खिलाकर या नस में सूई देकर दिया जाता है&comma; लेकिन अत्याधुनिक विधि में 41 डिग्री से 42 डिग्री के बीच विशेष तापमान पर पेट में कीमो दिया जाता है&period;यह मशीन द्वारा दी जाती है जिसमें मशीन बनाने वाली कम्पनी के टेकनीशियन कीमो देने में मदद करते हैं&period; इसे हाइपेक &lpar;हाइपरथर्मिक इंट्रापेरिटोनिक कीमोथेपी&rpar; कहा जाता है इससे पेट में इसका प्रभाव बढ़ता है&period;<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>डाॅ&period; राय ने कहा कि इस प्रकार का आॅपरेशन पूर्णतः प्रशिक्षित स्त्री रोग डाॅक्टर अपनी टीम की मदद से करते हैं&period; आॅपरेशन के दौरान तथा बाद में भी मरीज पर विशेष ध्यान दिया जाता है&period;आॅपरेशन के बाद मरीज की क्रिटिकल माॅनिटरिंग की जाती है&period; इसके लिए एक विशेष एनेस्थेसिया और क्रिटिकल केयर टीम की आवश्यकता होती है जो जयप्रभा मेदांता हाॅस्पिटल में उपलब्ध है&period; उन्होंने कहा कि हमारे यहां अंडाशय कैंसर के इलाज के लिए अत्याधुनिक मशीनें और सुविधाएं उपलब्ध हैं जिसकी बदौलत हम मरीजों की जान बचाने का हरसंभव उपाय करते हैं&period;<&sol;p>&NewLine;

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