रोजमर्रा की जिंदगी हीं है, जाने अनजाने अभिनय : सागर इंडिया

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;<&sol;strong> बॉलीवुड फिल्म अभिनेता सागर इंडिया ने शनिवार को नवादा में दिए बच्चों को एक्टिंग का मास्टर क्लास। कोई हंस रहा था&comma; कोई रो रहा था&comma; कोई भूख से तड़प रहा था&comma; तो कोई मजे से भरपेट भोजन कर रहा था&comma; यह सब असल में नवादा के अभिनय के प्रशिक्षु कर रहे थे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>वर्षा फाउंडेशन के द्वारा आयोजित 10 दिवसीय अभिनय कार्यशाला में बच्चों ने सिखा अभिनय के सबसे महत्वपूर्ण भाग सीनवर्क&comma; जिसमें ऑब्जरवेशन&comma; प्रेजेंटेशन&comma; प्रेजेंट ऑफ़ माइंड&comma; कैरक्टराइजेशन&comma; आदि महत्वपूर्ण तत्व होते हैं। सीन वर्क के क्लास में&comma; बच्चों ने अलग-अलग कहानियों पर अभिनय किया। अलग-अलग कहानियों के अलग-अलग मूड को समझ कर उसे अभिनय में कैसे दृश्यरूपांतरण किया जाता है&comma; यह सीखा। कहानियों के लिखे शब्दों को कैसे एक अभिनेता&comma; भाव डालकर कहानी के चरित्र को शब्दों के सहारे&comma; संवादायगी से अपने अभिनय को कैसे जीवंत बना देता है&comma; उसकी तकनीक सीखा रहे थे&comma; सागर इंडिया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>फिल्म और नाटक में दृश्य का क्या महत्व होता है दोनों में भिन्नताएं क्या है और किसी पूरे नाटक में या फिल्म में&comma; हर एक सीन का क्या महत्व होता है&comma; इन सब विषयों पर बच्चों को बड़े ही&comma; सहजता से सिखाया सागर इंडिया ने।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>मूलत&colon; नवादा जिले के रानीहाटी गांव आंती पंचायत के निवासी हैं&comma; सागर पिछले 15 वर्षों से रंगमंच में एक अभिनेता के रूप में सक्रिय हैं और फिल्म&comma; वेबसीरीज&comma; सीरियल में भी काम कर चुके हैं&comma; उन्हें अभिनय पढ़ाना और करना दोनों अच्छा लगता है। पिछले कई वर्षों से नवादा में नए बच्चों को रंगमंच से जोड़कर अभिनय की बारीकियां सीखा रहे हैं। बिहार सरकार द्वारा आयोजित जिला युवा महोत्सव&comma; नवादा में उनके निर्देशन में नाटक मंगरुआ बनल दरोगा को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ था&comma; जिला प्रशासन ने उनके टीम को राज्य स्तरीय युवा महोत्सव में भी भेजा था। नवादा बाल सुधार गृह में&comma; वहां के कैदी बच्चों को भी अभिनय का प्रशिक्षण दिया है। बिहार आर्ट थियेटर से एक्टिंग में 2 वर्षीय डिप्लोमा भी किया है&comma; और अभिनय की सबसे बारीक विधा माईम में भी यह डिप्लोमाधारी हैं&comma; कई विषय में M A के साथ-साथ एशिया में कला की पहली यूनिवर्सिटी&comma; इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय&comma; छत्तीसगढ़ से वर्तमान में एक्टिंग में M A कर रहे हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सागर ने बताया कि अभिनय की पढ़ाई करने और सीखने के बाद मुझे लगा कि&comma; नवादा के बच्चों को अभिनेता और यहां&comma; रंगमंच का माहौल बनाना है। अगर भविष्य में यहां रंगशाला बनता है&comma; तो यहां के अभिनेताओं को अभिनय में अवसर मिलेंगे&comma; फिलहाल हमारी कोशिश इस अभिनय कार्यशाला से नए बच्चों को अभिनय में प्रशिक्षित करना है।<br &sol;>अभिनय कार्यशाला की संयोजिका अनुराधा पंडित ने बताया कि&comma; यह महत्वपूर्ण अवसर है नवादा जिले के लिए तो जिनको भी अभिनय करने में आता है मजा&comma; और आप भी सीखना चाहते हैं अभिनय की बारीकियां तो इस अभिनय कार्यशाला में जरूर भाग लें।<&sol;p>&NewLine;

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