एकीकृत बीमारियों से संबंधित जांच अभियान की हुई शुरुआत: सिविल सर्जन

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">पूर्णिया&lpar;न्यूज क्राइम 24&rpar;&colon;<&sol;mark><&sol;strong> जिले से टीबी&comma; एड्स और हेपेटाइटिस जैसी बीमारियों को मिटाने के उद्देश्य से केंद्र और राज्य सरकार के साथ ही पूर्णिया के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों व कर्मियों द्वारा लगातार प्रयास किया जा रहा है। इसी को लेकर पिछले दिनों जागरूकता अभियान चलाया गया था। अब जांच की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। जिसका विधिवत उद्घाटन सिविल सर्जन डॉ अभय प्रकाश चौधरी ने किया। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>साथ में à¤œà¤¿à¤²à¤¾ संचारी रोग पदाधिकारी डॉ मिहिरकांत झा&comma; डीपीएम सोरेंद्र कुमार दास&comma; जिला आईसीटीसी पर्यवेक्षक बैजनाथ प्रसाद और जिला बाल संरक्षण इकाई की सहायक निदेशक बेबी रानी भी थीं। इस अवसर पर इपिडेमियोलॉजिस्ट नीरज कुमार निराला&comma; जिला टीबी एड्स समन्वयक राजेश शर्मा&comma; बाल सुधार गृह के अधीक्षक नीलमणि&comma; परामर्शी सुभाष कुमार&comma; बाल गृह की अधीक्षिका अर्पणा विश्वास&comma; परामर्शी पिंकी कुमारी&comma; एसटीडी सह हेपेटाइटिस परामर्शी सनतन कुमार सहित कई अन्य अधिकारी और कर्मी भी उपस्थित थे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जिलाधिकारी के दिशा &&num;8211&semi; निर्देश में एकीकृत बीमारियों से संबंधित जांच अभियान की हुई शुरुआत&colon; सिविल सर्जन<br>सिविल सर्जन डॉ अभय प्रकाश चौधरी ने कहा कि जिलाधिकारी कुंदन कुमार के दिशा निर्देश में एकीकृत बीमारियों à¤œà¥ˆà¤¸à¥‡- एसटीआई&comma; एचआईवी&comma; टीबी और हेपेटाइटिस को लेकर जागरूकता अभियान चलाने के बाद अब केंद्रीय कारागार&comma; बाल सुधार गृह में à¤œà¤¾à¤‚च की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>पूर्णिया जिला मुख्यालय स्थित केंद्रीय कारागार&comma; बाल सुधार गृह और बाल गृह सहित पूर्णिया सिटी स्थित वृद्धाश्रम में भी एकीकृत बीमारियों की जांच को लेकर पहले ही सभी अधीक्षकों को आवश्यक दिशा &&num;8211&semi; निर्देश जारी करते हुए अवासितों के बीच जागरूकता अभियान चलाया जा चुका है। ताकि सभी को इन बीमारियों के संबंध में जानकारी मिल सके।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>एकीकृत बीमारियों के उन्मूलन कार्यक्रम को लेकर कैदियों सहित अन्य आवासितों की हो रही है जांच&colon; सीडीओ<br &sol;>जिला संचारी रोग पदाधिकारी डॉ मिहिरकांत झा ने कहा कि देश में एकीकृत बीमारियों की रोकथाम को लेकर ख़ासकर एचआईवी &sol; एड्स की रोकथाम के लिए&nbsp&semi;राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन&nbsp&semi;अपने राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के माध्यम से एचआईवी महामारी को रोकने के लगातार प्रयासरत है। ज़िले में&nbsp&semi;टीबी और एड्स जैसी बीमारियों से बचाव के लिए भारत सरकार और राज्य सरकार द्वारा उन्मूलन कार्यक्रम का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिसके लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मियों द्वारा जेल के लगभग 18 सौ से अधिक बंदियों&comma; बाल सुधार गृह के 71 बच्चों और बाल गृह के 39 बच्चों सहित सहारा वृद्धाश्रम में रहने वाले 44 बेसहारा बुजुर्गो के एकीकृत बीमारियों की जांच की जा रही है।<&sol;p>&NewLine;

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