मुस्लिम बुद्धजीवियों की बैठक में संविधान के तहत अधिकार लेने का संकल्प

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">पटना&lpar;अजीत यादव&rpar;&colon;<&sol;mark><&sol;strong> राजधानी पटना के ज्ञान भवन में रविवार को पूरे बिहार के मुस्लिम बुद्धिजीवी आल इंडिया मुस्लिम मजलिस-ए-मुशावरत के बैनर के तले अपने अधिकार और विकास की परिचर्चा में शामिल हुए&period;<br>कमेटी उपाध्यक्ष नशूर अजमल नुश्शी ने कहा कि मुसलमान अपने अधिकारों के लिए भारतीय संविधान के तहत जद्दोजहद का संकल्प लें तभी अधिकार हासिल कर पाएंगे&period; उन्होंने देश में अल्पसंख्यक समुदाय पर होने वाले अत्याचार और अन्याय की चर्चा करते हुए कहा कि ज़रूरत इस बात की है कि सभी संगठन एक साथ इसके लिए आवाज़ उठाएं&period;इस अवसर पर एआईएमआईएम के विधायक व प्रदेश अध्यक्ष अख़्तरुल ईमान ने मुसलमानों के राजनीतिक अधिकार पर बल दिया&period;<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इंटरमीडिएट कॉउंसिल के पूर्व उपाध्यक्ष प्रोफेसर अबूज़र कमालुद्दीन ने मुसलमानों के शैक्षणिक उत्थान के लिए एकजुट प्रयास की ज़रूरत बताई&period; सरूर अजमल ने कहा कि हक़ की लड़ाई के लिए सभी समुदाय के सहयोग की ज़रूरत है&period; इस अवसर पर बिहार के अलग अलग हिस्से से आये प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार व्यक्त किये&period; संगठन के पूर्व अध्यक्ष नवेद हामिद ने बताया कि मुशावरत की स्थापना 1964 में हुई थी&period; उन्होंने इसके उद्देश्यों पर प्रकाश डाला&period; महासचिव तहसीन अहमद ने बताया कि मुशावरत की बिहार इकाई के गठन की प्रक्रिया चल रही है&period; फिलहाल एक एडहॉक कमिटी बनाई गई है&period; जिसके अध्यक्ष प्रोफेसर अबूज़र को बनाया गया है&period; नई कमिटी के एक उपाध्यक्ष नशूर अजमल नुश्शी ने अतिथियों का स्वागतन किया&period;<&sol;p>&NewLine;

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