अगर आप दिल स्वस्थ रहता है तो आपकी आने वाली जिंदगी बेहतर हो जाएगी- डॉ. संजय कुमार

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">पटना&comma; अजीत।<&sol;mark><&sol;strong> कार्डियोथोरेसिक और वैस्कुलर सर्जरी विशेषज्ञ &comma; डॉ&period;संजय कुमार जयप्रभा मेदांता सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में मेदांता &&num;8220&semi;माई हार्ट सेव्यर&&num;8221&semi; कार्यक्रम का आयोजन हुआ&comma; जिसमें पटना समेत विभिन्न जिलों के 100 से अधिक कार्डियोथोरेसिक और वैस्कुलर सर्जरी के मरीजों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य था मरीजों के बीच जागरूकता पैदा करना की दिल की बीमारियों के बाद भी एक स्वस्थ्य जीवन यापन कैसे किया जा सकता है । यह कार्यक्रम जयप्रभा मेदांता सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में 700 से अधिक सफल कार्डियोथोरेसिक और वैस्कुलर सर्जरी के उपलक्ष्य पर हुआ।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस मौके पर सीटीवीएस और डिपार्टमेंट ऑफ कार्डियोथोरेसिक और वैस्कुलर सर्जरी &lpar;सीटीवीएस&rpar; के डायरेक्टर डॉ&period; संजय कुमार मरीजों से रू-ब-रू हुए। कार्यक्रम में आये मरीजों ने बताया कि उनकी ओपन हार्ट सर्जरी&comma; हार्ट वाल्व सर्जरी&comma; कोंजेनिटल हार्ट डिसऑर्डर&comma; एओर्टा &lpar;महाधमनी&rpar; सर्जरी&comma; वैसकुलर सर्जरी और इंडो वैसकुलर सर्जरी या बायपास सर्जरी हो चुकी है। जयप्रभा मेदांता सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के सीटीवीएस और डिपार्टमेंट ऑफ कार्डियोलॉजी के डॉयरेक्टर डॉ&period; संजय कुमार ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य है कि हम अपने सर्जरी हो चुके मरीज़ों को यह विश्वास दिलाये कि सर्जरी के बाद भी उनके बेहतर स्वास्थ्य के लिए मेदांता पटना जागरूक रहता है और इसी क्रम में इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया और आगे भी नियमित रूप से मरीज़ों से मिलते रहने के लिए भी यह कार्यक्रम करता रहेगा ।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>&OpenCurlyQuote;माई हार्ट सेवियर प्रोग्राम करने का मक़सद यह है कि हृदय रोग या हृदय शल्य चिकित्सा के इतिहास वाले लोगों के स्वास्थ्य में सुधार हो सके । माय हार्ट सेवियर के लक्ष्य हैं मरीज़ को मजबूत बनना&comma; भविष्य की हृदय समस्याओं के जोखिम को कम करना&comma; जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना&comma; हृदय की स्थिति को बिगड़ने से रोकना। इसलिए मेदांता हॉस्पिटल बिहार के लोगों के लिए ऐसा कार्यक्रम निरंतर करता रहेगा<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>मेदांता में आये लगभग सभी लोग सर्ज़री के परिणामों से संतुष्ट है। डा प्रमोद कुमार जो कार्डियोलॉजी के डायरेक्टर हैं उन्होंने ज़ोर देकर कहा की बचपन से हीं ऐसी आदतें बच्चों में डालनी चाहिए जो उनकोरक्त चाप और दिल की बीमारियों से बचाता है। १५ साल की उम्र के बच्चों की बीपी की माप समय समय से करने से आगामी ख़तरों को टाला जा सकता हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस मौके पर जय प्रभा मेदांता सुपर स्पेशिलिटी हॉस्पिटिल के मेडिकल डॉयरेक्टर डॉ&period; रवि शंकर सिंह ने बताया कि बताया कि मेदांता समूह की सर्वोच्च प्राथमिकता है दिल के मरीजों को हर तरह की सुविधाएँ उपलब्ध कराना। इसलिए मेदांता अस्पताल बिहार के मरीजों के बेहतर इलाज के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। चाहे जागरूकता का मामला हो या इलाज का&comma; स्वस्थ समाज का निर्माण करने के लिए जयप्रभा मेदांता हर संभव प्रयास कर रहा है और इसी क्रम में ऐसे मरीजों की सेहत को ध्यान में रखते हुए इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आधुनिकतम सुविधाएँ प्रदान करने के अपने लक्ष्य के तहत मेदांता पटना ने अभी कुछ दिन पहले यहाँ mitral clip &lpar;मीट्रल क्लिप &rpar; लगाया जो अभी देश के गिने चुने संस्थानों में हीं हो सकती है। डॉक्टर प्रवीर सिन्हा कंसल्टेंट कार्डियक सर्जरी ने पूरे कार्यक्रम का संचालन किया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस कार्यक्रम में डॉ&period; संजय कुमार&comma; डॉ&period; प्रमोद&comma; डॉ&period; बी&period;बी भारती&comma; डॉक्टर प्रवीर सिन्हा और डॉ&period; रवि शंकर सिंह आदि मौजूद थे। इस कार्यक्रम से मरीज और उनके परिजन दोनों काफी खुश थे और उन्होंने बताया की इस कार्यक्रम का अनुभव काफी सुखद एवं अनूठा था और उन्होंने आग्रह किया की ऐसे कार्यक्रम मेदांता हमेशा करता रहे और नई नई अवधारणाओं को समाज के सामने लता रहे।<&sol;p>&NewLine;

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