सेप्टिक टैंक की शटरिंग खोलने में कब तक मरते रहेंगे दलित : अजमल

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; अजीत &colon;<&sol;strong> सामाजिक कार्यकर्ता और आल इंडिया मुस्लिम मजलिस मशावरत&comma; बिहार के उपाध्यक्ष सैयद नशूर अजमल नुशी ने बाढ़ में शटरिंग खोलने के दौरान चार दलित मजदूरों की दम घुटने से मौत पर दुख और चिंता व्यक्त की है&period;उन्होंने कहा कि बिहार में सेप्टिक टैंक की शटरिंग खोलने के दौरान मजदूरों की मौत आम हो गई है लेकिन इस पर किसी का ध्यान नहीं जाता और कोई इसकी रोकथाम के बारे में बात नहीं करता है&period;श्री अजमल ने कहा कि इससे पहले भी दूसरी जगहों से सेप्टिक टैंक की शटरिंग खोलने के दौरान मौत की खबर आ चुकी है&period; <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>उन्होंने सलाह दी कि शटरिंग खोलने से पहले सेप्टिक टैंक की जांच कर ली जाए कि वहां कोई जहरीली गैस तो नहीं है या दम घुटने की आशंका तो नहीं है&period; इसके लिए सरकार को कोई ना कोई कदम जरूर उठाना चाहिए&period; सबसे जरूरी बात यह है कि इस बारे में जागरूकता फैलाई जाए और हर मजदूर को यह समझाया जाए कि बिना सुरक्षा सुनिश्चित किये वह सेप्टिक टैंक में न उतरें&period; इसके साथ ही उन लोगों को भी जिम्मेदार बनाया जाए जिनके यहां यह काम होता है ताकि उन्हें लोगों की जिंदगी और मौत का एहसास हो&period;<&sol;p>&NewLine;

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